दुनिया के टॉप 2% वैज्ञानिकों की लिस्ट में शामिल हुए आईआईटी बीएचयू के 57 शोधकर्ता

वाराणसी स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT BHU) ने वैश्विक स्तर पर अपनी एक अलग पहचान बनाई है। स्टैनफोर्ड-एल्सेवियर द्वारा जारी दुनिया के टॉप 2% वैज्ञानिकों की प्रतिष्ठित सूची में इस संस्थान के शोधकर्ताओं ने शानदार जगह बनाई है। यह उपलब्धि न केवल संस्थान के लिए बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है, क्योंकि यह शोधकर्ताओं की मेहनत और उनके नवाचारों की वैश्विक मान्यता है।
एल्सेवियर के नवीनतम डेटाबेस के अनुसार, आईआईटी बीएचयू के कुल 57 शोधकर्ताओं को 'सिंगल-ईयर इम्पैक्ट' लिस्ट में शामिल किया गया है। इसके अलावा, 33 शोधकर्ताओं ने 'करियर-लॉन्ग इम्पैक्ट' सूची में जगह बनाकर अपनी निरंतर उत्कृष्टता को साबित किया है। यह रैंकिंग स्कोपस साइटेशन डेटा के आधार पर तय की गई है, जिसमें साइटेशन, h-इंडेक्स और लेखक की स्थिति जैसे महत्वपूर्ण मानकों को देखा जाता है।
संस्थान की वैश्विक साख और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी
इस बड़ी उपलब्धि पर आईआईटी बीएचयू के निदेशक अमित पात्रा ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि यह मान्यता फैकल्टी की उच्च गुणवत्ता वाले शोध और प्रभावशाली नवाचारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने सभी सम्मानित शोधकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि इससे संस्थान की वैश्विक शैक्षणिक स्थिति और मजबूत होगी।
सिर्फ रैंकिंग ही नहीं, बल्कि आईआईटी बीएचयू अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने रिश्तों को भी मजबूत कर रहा है। हाल ही में संस्थान ने जर्मनी की बर्गिश यूनिवर्सिटी वुपरटाल (BUW) के साथ एक व्यापक संस्थागत सहयोग समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह साझेदारी पहले केवल सिविल इंजीनियरिंग विभाग तक सीमित थी, लेकिन अब इसे पूरे संस्थान के स्तर पर बढ़ा दिया गया है।
इस समझौते के तहत अब दोनों संस्थानों के बीच इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च, फैकल्टी और छात्रों का आदान-प्रदान और संयुक्त शैक्षणिक गतिविधियां होंगी। विशेष रूप से सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर, रोड और पेवमेंट इंजीनियरिंग और उभरती इंजीनियरिंग तकनीकों जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम किया जाएगा, जिससे समाज और तकनीक के क्षेत्र में बड़े बदलाव आने की उम्मीद है।