IIT BHU और जर्मन यूनिवर्सिटी के बीच समझौता, अब रिसर्च और पढ़ाई के खुलेंगे नए रास्ते

IIT BHU और जर्मन यूनिवर्सिटी के बीच समझौता, अब रिसर्च और पढ़ाई के खुलेंगे नए रास्ते

वाराणसी स्थित IIT BHU और जर्मनी की बर्गिश यूनिवर्सिटी वुपरथल (BUW) ने अपने आपसी रिश्तों को एक नई ऊंचाई दी है। दोनों संस्थानों ने एक संस्थान-स्तरीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे अब उनके बीच शैक्षणिक और शोध सहयोग का दायरा काफी बढ़ जाएगा। यह समझौता 1 अक्टूबर को हुआ, जो पहले केवल सिविल इंजीनियरिंग विभागों तक सीमित था, लेकिन अब इसे पूरे संस्थान के स्तर पर लागू किया गया है।

इस साझेदारी की नींव 'स्पार्क' (SPARC) योजना के तहत शुरू हुई थी। अब इस नए समझौते के बाद दोनों यूनिवर्सिटीज के बीच इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च, फैकल्टी और छात्रों का आदान-प्रदान, और कई विभागों को मिलाकर संयुक्त शोध प्रोजेक्ट्स पर काम किया जाएगा। यह कदम न केवल छात्रों के लिए बल्कि शोधकर्ताओं के लिए भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के अवसर लेकर आएगा।

पavement Scanning Technologies वर्कशॉप में हुआ MoU का आदान-प्रदान

इस महत्वपूर्ण समझौते का आदान-प्रदान IIT (BHU) के डायरेक्टर प्रोफेसर अमित पात्रा ने किया। यह मौका तब आया जब कैंपस में "पavement Scanning Technologies" पर एक अंतरराष्ट्रीय वर्कशॉप चल रही थी। इस वर्कशॉप में बर्गिश यूनिवर्सिटी वुपरथल से प्रोफेसर पहिरंगन सिवापथम और उनके साथ 11 छात्रों का एक दल वाराणसी पहुंचा हुआ है।

वर्कशॉप के दौरान हाईवे और पेवमेंट असेसमेंट की आधुनिक तकनीकों, जैसे ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार (GPR) और ट्रैफिक स्पीड डिफ्लेक्टोमीटर (TSD) आधारित जांच और एनालिटिक्स पर चर्चा की गई। यह वर्कशॉप इस बात का प्रमाण है कि दोनों संस्थान पहले से ही कितनी सक्रियता से एक-दूसरे के साथ काम कर रहे हैं।

भविष्य में यह साझेदारी सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर, रोड और पेवमेंट इंजीनियरिंग, पर्यावरण चुनौतियों और उभरती हुई इंजीनियरिंग तकनीकों जैसे क्षेत्रों में काम को और मजबूत करेगी।

"IIT (BHU) और बर्गिश यूनिवर्सिटी वुपरथल के बीच सहयोग धीरे-धीरे विकसित हुआ है। संस्थान-स्तर के इस MoU पर हस्ताक्षर करना इस रिश्ते का एक स्वाभाविक विस्तार है, जिससे अब कई विषयों के विशेषज्ञ मिलकर काम कर सकेंगे और छात्रों को वैश्विक अनुभव मिलेगा।" - प्रोफेसर अमित पात्रा, डायरेक्टर, IIT (BHU)

दोनों संस्थानों ने इस बात पर जोर दिया है कि वे मिलकर ऐसी पहल करेंगे जिनका समाज और तकनीक के क्षेत्र में व्यापक प्रभाव पड़े।

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