वाराणसी: IIT (BHU) में स्वास्थ्य सेवाओं और सहायक तकनीकों के लिए AI कॉन्क्लेव का आयोजन

Shubham Singh16 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
वाराणसी: IIT (BHU) में स्वास्थ्य सेवाओं और सहायक तकनीकों के लिए AI कॉन्क्लेव का आयोजन

वाराणसी का प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी (बीएचयू) आने वाले शनिवार को एक बेहद खास कार्यक्रम की मेजबानी करने जा रहा है। यहाँ 'AI for Healthcare and Assistive Technologies' विषय पर एक कॉन्क्लेव का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से स्वास्थ्य क्षेत्र की गंभीर चुनौतियों का समाधान खोजना और ऐसी तकनीकें विकसित करना है जो सस्ती, सुलभ और समावेशी हों।

इस महत्वपूर्ण आयोजन को आईआईटी (बीएचयू) के सेंटर फॉर इनोवेशन, इनक्यूबेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (CIIE) और सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है। प्रोफेसर एमके मेशराम के समन्वय में यह कॉन्क्लेव आईआईटी (बीएचयू) कैंपस के CIIE ई-हॉल में संपन्न होगा।

दिग्गजों का होगा जमावड़ा और पैनल चर्चा

इस कॉन्क्लेव में नीति निर्माताओं, शिक्षाविदों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और स्टार्टअप संस्थापकों का एक बड़ा समूह जुटेंगे। कार्यक्रम में कई प्रमुख वक्ता अपने विचार साझा करेंगे, जिनमें शामिल हैं:

  • प्रोफेसर अमित पात्रा (निदेशक, आईआईटी बीएचयू)
  • प्रोफेसर एसएन संखवार (निदेशक, IMS, बीएचयू)
  • सुमित महाजन (सीईओ, उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन)
  • एस कृष्णन (सचिव, MeitY)
  • केके सिंह (संयुक्त सचिव, MeitY)
  • अरविन्द कुमार (महानिदेशक, STPI) और प्रोफेसर मल्लिका तिवारी (IMS, बीएचयू)

कार्यक्रम का सबसे अहम हिस्सा एक पैनल चर्चा होगी, जिसका शीर्षक 'Empowering Citizens through AI: Health, Inclusion and Well-being' रखा गया है। इस चर्चा के दौरान इस बात पर मंथन किया जाएगा कि कैसे एआई के जरिए आम नागरिकों के स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को बेहतर बनाया जा सकता है और दिव्यांगजनों व वंचित समुदायों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए समावेशी तकनीकें विकसित की जा सकती हैं।

संस्थान का यह प्रयास शोधकर्ताओं, छात्रों और उभरते उद्यमियों को प्रोत्साहित करना है ताकि वे स्वास्थ्य सेवा और सहायक तकनीक के क्षेत्र में ऐसे समाधान निकाल सकें जिन्हें बड़े पैमाने पर लागू किया जा सके। साथ ही, यह कॉन्क्लेव सरकारी एजेंसियों, रिसर्च संस्थानों और स्टार्टअप्स के बीच आपसी सहयोग को मजबूत करने का एक बड़ा मंच साबित होगा।

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