अयोध्या पहुंचे असम CM हिमंत बिस्वा सरमा ने अखिलेश यादव को ललकारा, कहा- 2027 चुनाव लड़ने की हिम्मत नहीं

उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनावों की सुगबुगाहट अभी से तेज हो गई है। रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अयोध्या स्थित राम मंदिर में दर्शन किए, लेकिन वहां से उन्होंने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोल दिया। हिमंत बिस्वा सरमा ने सीधे तौर पर अखिलेश यादव की राजनीतिक इच्छाशक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनमें 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ने का साहस नहीं है।
मंदिर में पूजा-अर्चना करने और असम की सुरक्षा व विकास के लिए आशीर्वाद मांगने के बाद सरमा ने मीडिया से बात करते हुए सपा प्रमुख को चुनौती दी। उन्होंने दावा किया कि अखिलेश यादव में राज्य के भीतर सीधे चुनावी मुकाबले का सामना करने की हिम्मत नहीं बची है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब भाजपा उत्तर प्रदेश में अपनी पकड़ और मजबूत करने की रणनीति बना रही है।
भाजपा नेताओं ने सपा की हार का किया दावा
इस राजनीतिक घमासान में केवल हिमंत बिस्वा सरमा ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी अपनी राय रखी। प्रयागराज में बोलते हुए मौर्य ने भविष्यवाणी की कि समाजवादी पार्टी को आने वाले समय में करारी शिकस्त मिलेगी। उन्होंने कहा कि सपा को 2026 की विधान परिषद के नतीजों और 2027 के विधानसभा चुनावों, दोनों में हर मोर्चे पर मात दी जाएगी। मौर्य ने यहाँ तक दावा कर दिया कि उत्तर प्रदेश में 2047 तक भाजपा का शासन रहेगा।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब अखिलेश यादव को चुनौती दी गई हो। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सपा प्रमुख को चुनौती देते हुए कहा था कि वे अयोध्या विधानसभा सीट से सीधे चुनाव लड़कर दिखाएं। अब असम के मुख्यमंत्री के इस बयान ने राज्य के सियासी माहौल को और अधिक गरमा दिया है।