हाथरस: चलने के अंदाज और चप्पल ने खोला राज, एटीएम चोरी का संदिग्ध गिरफ्तार
हाथरस पुलिस ने चलने के तरीके और चप्पलों के जरिए एटीएम चोरी के संदिग्ध को दबोचा। नशे की लत के कारण आरोपी ने की थी चोरी की कोशिश।

उत्तर प्रदेश के हाथरस में पुलिस ने तकनीक और बारीकी का ऐसा नमूना पेश किया है कि अपराधी की एक छोटी सी चूक उसे सलाखों के पीछे ले आई। हाथरस-मथुरा रोड पर रेलवे स्टेशन के सामने स्थित एक एटीएम में चोरी की कोशिश करने वाले शख्स को पुलिस ने हाथरस एटीएम चोरी गिरफ्तारी अभियान के तहत दबोच लिया है। दिलचस्प बात यह है कि आरोपी का चेहरा सीसीटीवी में साफ नहीं था, लेकिन उसके चलने के तरीके (Gait Analysis) ने उसकी पोल खोल दी।
घटना 30 और 31 अक्टूबर की दरमियानी रात की है, जो मुरसान थाना क्षेत्र के अंतर्गत आती है। आरोपी ने अंधेरा करने के लिए एटीएम बूथ की ट्यूबलाइट तोड़ दी और लोहे के टायर लीवर से मशीन को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की। हालांकि, वह कैश निकालने में नाकाम रहा, लेकिन पीछे छोड़ गया कुछ ऐसे सुराग जिन्हें पुलिस ने अपनी जांच का आधार बनाया।
चप्पल और लंगड़ाहट से मिला सुराग
पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा के मार्गदर्शन में एसओजी और मुरसान पुलिस की एक संयुक्त टीम ने घटनास्थल के 300 मीटर के दायरे में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों को खंगाला। जब आंतरिक फुटेज में चेहरा साफ नहीं दिखा, तो जांच अधिकारियों ने आरोपी के चलने के अंदाज और उसके बाएं पैर पर पड़ने वाले दबाव पर गौर किया। साथ ही, उसकी चौड़ी पट्टी वाली चप्पलों को मुख्य सबूत माना गया।
तफ्तीश के दौरान पुलिस को मुरसान के किला मधैया निवासी सन्नी के बारे में पता चला। जांच में सामने आया कि सन्नी जब नेपाल में हलवाई का काम करता था, तब उसके बाएं पैर में जलने की गंभीर चोट लगी थी, जिसकी वजह से वह एक खास तरीके से चलता था। रविवार रात पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और सख्ती से पूछताछ की।
सदाबद के क्षेत्राधिकारी योगेंद्र नारायण कृष्णा ने बताया कि आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने बताया कि नशे की लत के कारण उसे पैसों की सख्त जरूरत थी, इसलिए उसने एक पंक्चर शॉप से टायर लीवर चुराकर एटीएम तोड़ने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक, आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और उस पर पहले से कई मामले दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।