हाथरस सांसद के फर्जी हस्ताक्षर से 11 लाख की ठगी, पुलिस ने दर्ज किया मामला

उत्तर प्रदेश के हाथरस से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सांसद अनुप प्रधान के फर्जी हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर एक प्रकाशन समूह से 11 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई। इस मामले में दिल्ली के राजकमल प्रकाशन समूह के मुख्य परिचालन अधिकारी (COO) मुकेश कुमार ने पुलिस अधीक्षक के पास शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी विमल गौतम के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। हाथरस सांसद धोखाधड़ी मामला अब जांच के दायरे में है और पुलिस ठगी गई रकम की वसूली की कोशिश कर रही है।
घटना की शुरुआत 4 अगस्त को हुई, जब मुकेश कुमार सांसद अनुप प्रधान के दिल्ली स्थित आवास पर उनसे मिलने पहुंचे थे। उनकी मुलाकात का मकसद सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MPLADS) के तहत किताबों की खरीद से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना था। शिकायत के मुताबिक, अगले ही दिन विमल गौतम ने मुकेश को फोन किया और दावा किया कि उसकी सांसद से बात हो गई है और प्रकाशन समूह को किताबों की खरीद का कॉन्ट्रैक्ट मिल जाएगा।
साजिश और फर्जीवाड़े का खुलासा
ठगी का खेल तब शुरू हुआ जब 8 अगस्त को सांसद के आधिकारिक लेटरहेड का इस्तेमाल कर कॉन्ट्रैक्ट दिलाने के नाम पर 11 लाख रुपये की मांग की गई। मुकेश कुमार ने इस भरोसे पर रकम ट्रांसफर कर दी कि सांसद के हस्ताक्षर वाला एक सिफारिश पत्र जारी किया जाएगा और उसे ई-साक्षी पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। 25 अगस्त को विमल गौतम ने व्हाट्सएप पर एक स्क्रीनशॉट भेजा, जिसमें दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड होने का दावा किया गया था, लेकिन इसी बिंदु पर मुकेश को शक हुआ।
सच्चाई तब सामने आई जब 7 सितंबर को मुकेश कुमार अपने कंपनी मालिक अशोक माहेश्वरी के साथ सांसद अनुप प्रधान से मिले। जब दस्तावेजों की जांच हुई, तो पता चला कि उन पर किए गए हस्ताक्षर पूरी तरह फर्जी थे। पीड़ित ने पुलिस को कॉल हिस्ट्री और व्हाट्सएप चैट के सबूत सौंपे हैं। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि आरोपी को पकड़ा जा सके और ठगी गई राशि वापस दिलाई जा सके।