हरदोई: वेतन न मिलने से भड़के 400 सफाई कर्मचारी, नगर पालिका कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन
हरदोई में 400 सफाई कर्मचारियों ने वेतन और EPF के लिए मोर्चा खोला। नगर पालिका अध्यक्ष ने कंपनी को दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम।

उत्तर प्रदेश के हरदोई में आउटसोर्सिंग के जरिए काम कर रहे करीब 400 सफाई कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। पिछले तीन महीनों से वेतन न मिलने और ईपीएफ (EPF) के पैसों में गड़बड़ी के कारण सोमवार को इन कर्मचारियों ने बड़े चौराहे से नगर पालिका कार्यालय तक मार्च निकाला और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। हरदोई सफाई कर्मचारी हड़ताल ने शहर की सफाई व्यवस्था पर संकट खड़ा कर दिया है।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का दर्द यह है कि वेतन न मिलने की वजह से उनके घर का चूल्हा जलना मुश्किल हो गया है। उनका कहना है कि वे मकान का किराया तक नहीं दे पा रहे हैं और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना उनके लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। कर्मचारियों ने गंभीर आरोप लगाया है कि ठेकेदार ने उनकी सैलरी से ईपीएफ के लिए कटौती तो की, लेकिन वह पैसा उनके खातों में जमा नहीं कराया गया। बताया जा रहा है कि कुल बकाया वेतन की राशि लगभग 4 करोड़ रुपये है।
ठेकेदार पर FIR और ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी
इस पूरे मामले पर नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष सुख सागर मिश्रा ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर पालिका की ओर से आउटसोर्सिंग कंपनी को वेतन के लिए जरूरी फंड पहले ही जारी किया जा चुका है। अध्यक्ष ने संबंधित कंपनी को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि इस समय सीमा के भीतर कर्मचारियों के वेतन का भुगतान नहीं किया गया, तो कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा और उसके खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जाएगी।
गौरतलब है कि यह विवाद पुराना है। अक्टूबर के मध्य में भी वेतन में देरी को लेकर स्थानीय सभासदों ने विरोध जताया था, जिस पर उस समय समाधान का भरोसा दिया गया था। लेकिन चेतावनी के बावजूद जब समस्या हल नहीं हुई, तो 1 नवंबर को कर्मचारियों ने हड़ताल की चेतावनी दी थी, जिसे सोमवार को अमल में लाया गया।