'काली सरकार' का खेल खत्म: हरदोई का कुख्यात अपराधी प्रदीप शुक्ला झांसी से गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक बड़े ऑपरेशन में हरदोई के एक ऐसे अपराधी को दबोचा है, जो पिछले कई सालों से अपनी पहचान बदलकर लोगों को गुमराह कर रहा था। प्रदीप शुक्ला की गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है, क्योंकि वह करीब 8 से 26 साल तक पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था। हरदोई के कोतवाली शहर इलाके के चौहान ठोक का रहने वाला प्रदीप शुक्ला हत्या, अपहरण, लूट और जानलेवा हमले जैसे गंभीर अपराधों में वांछित था, जिसके खिलाफ जिला अदालत ने स्थायी वारंट जारी कर रखे थे।
भक्ति के चोले में छिपा था अपराधी का चेहरा
पुलिस के मुताबिक, हरदोई से भागने के बाद प्रदीप ने पहले कानपुर में रत्नों (Gemstones) का कारोबार किया और फिर झांसी चला गया। वहां उसने अपनी पहचान पूरी तरह बदल ली और 'सत्यानंद शुक्ला' बनकर रहना शुरू कर दिया। उसने खुद को 'काली सरकार' के रूप में पेश किया और मऊरानीपुर क्षेत्र के कुरैचा गांव के एक मंदिर में अपना ठिकाना बनाया।
यहाँ वह सैन्य वर्दी पहनकर 'दिव्य दरबार' लगाता था और दावा करता था कि उसके पास अलौकिक शक्तियां हैं। वह लोगों को बीमारी ठीक करने, निजी समस्याएं सुलझाने और पर्चियों के जरिए भविष्य बताने का झांसा देता था। अपनी इस फर्जी छवि को चमकाने के लिए उसने सोशल मीडिया का सहारा लिया, जहां फेसबुक पर उसके 3 लाख से ज्यादा और इंस्टाग्राम पर 1 लाख से अधिक फॉलोअर्स थे। पुलिस का दावा है कि वह इन वीडियो के जरिए लोगों को ठग रहा था।
दिलचस्प बात यह है कि उसने नवरात्रि के मौके पर अपने दरबार को नौ दिनों के लिए बंद रखने की घोषणा की थी, लेकिन पुलिस ने उसकी योजना पर पानी फेरते हुए उसे त्योहार के पहले ही दिन गिरफ्तार कर लिया। हरदोई और झांसी पुलिस के इस संयुक्त ऑपरेशन के बाद उसे वापस हरदोई लाया गया और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद जेल भेज दिया गया है।