हरक सिंह रावत की पत्नी पर संपत्ति धोखाधड़ी का आरोप, देहरादून SSP ने दिए जांच के आदेश

देहरादून SSP ने पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत की पत्नी के खिलाफ संपत्ति के पैसों की धोखाधड़ी और धमकी के आरोपों की जांच के आदेश दिए हैं।

Shubham Singh31 October 20262 min read0 views
हरक सिंह रावत की पत्नी पर संपत्ति धोखाधड़ी का आरोप, देहरादून SSP ने दिए जांच के आदेश

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत की पत्नी जसवीर कौर आनंद (उर्फ सोनिया आनंद रावत) मुश्किलों में घिर गई हैं। एक बुजुर्ग दिव्यांग व्यक्ति ने उन पर संपत्ति के सौदे में लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमेंद्र डोभाल ने इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।

शिकायतकर्ता हरिओम सहगल, जो प्रेम नगर थाना क्षेत्र के कंडोली के निवासी हैं, ने आरोप लगाया है कि साल 2021 में उन्होंने अपनी एक संपत्ति सोनिया आनंद रावत को 56 लाख रुपये में बेची थी। सहगल का दावा है कि इस सौदे के तहत उन्हें केवल 12.8 लाख रुपये ही मिले, जबकि बाकी के 43.2 लाख रुपये का भुगतान नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि भुगतान के लिए दिए गए चेक बाउंस हो गए और बाद में दिए गए रिप्लेसमेंट चेक भी क्लियर नहीं हुए।

दिव्यांग व्यक्ति ने लगाया मारपीट और धमकी का आरोप

इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात शिकायतकर्ता की शारीरिक स्थिति और उनके साथ हुआ व्यवहार है। हरिओम सहगल दिव्यांग हैं और उन्होंने अपने दोनों हाथ खो दिए हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि उन्हें न केवल आर्थिक रूप से ठगा गया, बल्कि उनके साथ मारपीट भी की गई और उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। सहगल का आरोप है कि 2022 में उन्हें जबरन उनके घर से निकाल दिया गया, जिसके बाद वह बेघर हो गए और अब उनके पास पते के प्रमाण के तौर पर केवल आधार कार्ड बचा है।

सहगल ने यह भी दावा किया कि जिस समय संपत्ति बेची गई, उसकी बाजार कीमत 2 करोड़ रुपये से अधिक थी और सरकारी कीमत 1.25 करोड़ रुपये से ज्यादा थी, लेकिन उन्होंने इसे 56 लाख में बेचा था। उनका आरोप है कि प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन डीड में दर्ज चेक उनकी जेब से जबरन निकाल लिए गए।

देहरादून SSP प्रमेंद्र डोभाल ने मामले की जानकारी देते हुए कहा कि शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप अत्यंत गंभीर हैं। उन्होंने कहा,

"मैंने व्यक्तिगत रूप से एसपी (सिटी) को इस पूरे मामले की गहन जांच करने का जिम्मा सौंपा है। जांच पूरी होने के बाद यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"

SSP ने यह भी कहा कि पीड़ित अपनी शारीरिक अक्षमता के बावजूद पिछले कुछ दिनों से लगातार न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हैं और पुलिस उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करेगी।

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