हापुड़: CNG हाइड्रो टेस्ट सर्टिफिकेट मांगने पर बवाल, पंप कर्मियों को जमकर पीटा

हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर में हाइड्रो टेस्ट सर्टिफिकेट मांगने पर सीएनजी पंप कर्मियों की पिटाई, सीसीटीवी में कैद हुई वारदात।

Shubham Singh22 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
हापुड़: CNG हाइड्रो टेस्ट सर्टिफिकेट मांगने पर बवाल, पंप कर्मियों को जमकर पीटा

उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में एक सीएनजी स्टेशन पर उस वक्त जमकर हंगामा और मारपीट हो गई, जब कर्मचारियों ने सुरक्षा नियमों का पालन कराते हुए ग्राहक से हाइड्रो टेस्ट सर्टिफिकेट मांगा। गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली इलाके के सरूरपुर गांव के पास स्थित इस पंप पर गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को विवाद इतना बढ़ा कि कर्मचारियों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया गया।

पंप मैनेजर कासिम के मुताबिक, जब सुपरवाइजर मनीष और कर्मचारी दीपेंद्र ने बैठ गांव के एक ग्राहक से उसकी गाड़ी के सीएनजी सिलेंडर का अनिवार्य हाइड्रो टेस्ट सर्टिफिकेट मांगा, तो वह भड़क गया। आरोप है कि ग्राहक ने पहले कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज की और फिर अपने साथियों और कुछ महिलाओं को मौके पर बुला लिया। देखते ही देखते भीड़ ने पंप स्टाफ पर हमला बोल दिया, जिसमें लाठियों, घूंसों और लातों का इस्तेमाल किया गया। इस हिंसक झड़प में सुपरवाइजर मनीष और कर्मचारी दीपेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

सुरक्षा नियमों की अनदेखी और पुलिस कार्रवाई

यह पूरी घटना पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। गढ़ कोतवाली के स्टेशन ऑफिसर देवेंद्र बिष्ट ने बताया कि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज और पंप स्टाफ द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर हमलावरों और उनके वाहनों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होते ही दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बता दें कि सीएनजी सिलेंडरों के लिए हाइड्रो टेस्ट सर्टिफिकेट की अनिवार्यता सितंबर 2026 से लागू की गई थी। दरअसल, अगस्त 2026 में एक दर्दनाक सिलेंडर ब्लास्ट में तीन पंप कर्मियों की मौत हो गई थी, जिसके बाद सुरक्षा मानकों को कड़ा किया गया। अब दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड जैसे बड़े वितरकों ने यह अनिवार्य कर दिया है कि हर तीन साल में सिलेंडरों की हाइड्रो टेस्टिंग कराई जाए ताकि उनकी मजबूती सुनिश्चित हो सके और भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

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