हमीरपुर: रिमझिम इस्पात फैक्ट्री में बॉयलर ब्लास्ट, मजदूर गंभीर रूप से झुलसा
हमीरपुर की रिमझिम इस्पात फैक्ट्री में बॉयलर फटने से एक मजदूर बुरी तरह झुलस गया। फैक्ट्री में हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले से एक बड़ा औद्योगिक हादसा सामने आया है। यहाँ की रिमझिम इस्पात फैक्ट्री में बॉयलर फर्नेस में हुए एक जोरदार धमाके के कारण एक मजदूर गंभीर रूप से झुलस गया है। इस हमीरपुर रिमझिम इस्पात ब्लास्ट के बाद पूरी फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई और चारों तरफ धुएं का गुबार छा गया, जिससे वहां काम कर रहे अन्य कर्मचारियों में भी दहशत फैल गई।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने आपातकालीन प्रतिक्रिया का नेतृत्व किया और धुएं को नियंत्रित करने के लिए पानी की बौछारें करवाईं। घायल मजदूर की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसे तत्काल उपचार के लिए भेजा गया है।
हादसों का केंद्र बनी रिमझिम इस्पात फैक्ट्री
भरुआ सुमेरपुर इलाके में स्थित रिमझिम इस्पात लिमिटेड में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि यह फैक्ट्री पिछले कुछ वर्षों में कई बार हादसों का गवाह बन चुकी है। यहाँ बार-बार होने वाले धमाकों ने प्रबंधन की लापरवाही को उजागर किया है।
रिकॉर्ड्स पर नजर डालें तो इस फैक्ट्री में हादसों की एक लंबी फेहरिस्त है:
- 25 जनवरी 2025: बॉयलर ऑयल लीकेज की वजह से 40 टन की फर्नेस में ब्लास्ट हुआ था, जिसमें बिजवन, हीरा यादव और रामफल नाम के तीन मजदूर घायल हुए थे। रामफल की हालत इतनी खराब थी कि उन्हें कानपुर रेफर करना पड़ा था।
- 25 मई 2025: एक और फर्नेस विस्फोट हुआ, जिसमें कई मजदूरों को कानपुर के अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा।
- 4 मार्च 2023: एक धमाके में चार मजदूर चोटिल हुए थे।
- 14 अगस्त 2022: एक दुखद हादसे में क्रेन से गिरने के कारण एक इलेक्ट्रीशियन की जान चली गई थी।
इन तमाम घटनाओं के बाद फैक्ट्री प्रबंधन पर अक्सर लापरवाही के आरोप लगते रहे हैं। मजदूरों और उनके परिजनों का दावा है कि हादसे के बाद समय पर उचित इलाज मुहैया कराने में प्रबंधन की ओर से काफी ढिलाई बरती जाती है। बार-बार होने वाले इन हादसों ने अब फैक्ट्री की सुरक्षा ऑडिट और नियमों के पालन पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।