हमीरपुर: पीएम आवास योजना में घूसखोरी का आरोप, पार्षद ने मांगी 20 हजार की रिश्वत

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले से भ्रष्टाचार का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ मौदा के सिचोली (वार्ड नंबर 19) के दस आवेदकों ने हमीरपुर प्रधानमंत्री आवास योजना भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी (डीएम) को शिकायत सौंपी है। पीड़ितों का कहना है कि गरीब होने के बावजूद उन्हें उनके हक से वंचित रखा जा रहा है और योजना का लाभ दिलाने के बदले पैसों की मांग की जा रही है।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, उन्होंने साल 2024 में अपने आवेदन तैयार करवाए थे, लेकिन स्थानीय लेखपाल ने उनकी फाइलों को आगे संबंधित अधिकारियों तक नहीं भेजा। मामला यहीं नहीं रुका, आवेदकों ने एक स्थानीय पार्षद पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि पार्षद ने आवास की मंजूरी दिलाने के बदले हर आवेदक से 20,000 रुपये की रिश्वत मांगी।
पार्षद की चुनौती और पात्रों की अनदेखी
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात पार्षद का रवैया बताया जा रहा है। पीड़ितों का दावा है कि जब उन्होंने रिश्वत देने से इनकार किया, तो पार्षद ने उन्हें खुलेआम चुनौती दे डाली। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि अगर बिना पैसे दिए किसी का भी आवास स्वीकृत हो गया, तो वह अपनी मूंछें कटवा लेगा।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान चयन प्रक्रिया पूरी तरह से पक्षपातपूर्ण है, जहाँ केवल उन्हीं लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है जो रिश्वत देने को तैयार हैं, जबकि वास्तव में जरूरतमंद और गरीब लोग इस योजना से बाहर किए जा रहे हैं।
पीड़ितों ने अब प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और उनके आवासों को जल्द से जल्द स्वीकृत करने की मांग की है। गौरतलब है कि जिला प्रशासन ने पहले भी बिचौलियों को खत्म करने के लिए ऐप-आधारित सत्यापन जैसी कोशिशें की थीं, लेकिन फिर भी ब्लॉक स्तर पर इस तरह की शिकायतें सामने आती रहती हैं। प्रशासन ने ऐसे मामलों की रिपोर्ट करने के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (1076) और जन शिकायत पोर्टल का उपयोग करने की सलाह दी है।