हमीरपुर: पीएम आवास योजना में रिश्वतखोरी का आरोप, डीएम से शिकायत
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले से सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ सिचौली के वार्ड नंबर 19 के दस आवेदकों ने जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) को पत्र लिखकर हमीरपुर पीएम आवास घोटाला और अधिकारियों की मनमानी का आरोप लगाया है। पीड़ितों का कहना है कि उन्हें उनके हक का घर दिलाने के बदले में खुलेआम पैसों की मांग की जा रही है।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, स्थानीय सभासद ने आवास योजना का लाभ दिलाने के बदले प्रति आवेदक 20,000 रुपये की रिश्वत मांगी है। इतना ही नहीं, आरोप यह भी है कि स्थानीय लेखपाल ने जानबूझकर उनकी आवेदन फाइलों को आगे नहीं बढ़ाया, जिससे उनकी आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से अटक गई है। इन लोगों का कहना है कि वे पात्र होने के बावजूद प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहे हैं।
भ्रष्टाचार का पुराना पैटर्न और प्रशासनिक चुनौती
हमीरपुर में आवास योजना को लेकर यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की शिकायतें आई हों। इससे पहले अगस्त 2026 में हरसुंडी गांव में एक ग्राम विकास अधिकारी पर घर की मंजूरी के लिए 10,000 रुपये मांगने का आरोप लगा था। वहीं, अक्टूबर 2026 में सरिला ब्लॉक से भी पात्र परिवारों को लिस्ट से बाहर करने की शिकायतें मिली थीं।
हैरानी की बात यह है कि मुख्य विकास अधिकारी (CDO) अरुण कुमार ने सितंबर 2025 में बिचौलियों को खत्म करने के लिए मोबाइल ऐप के जरिए सीधे आवेदन की प्रक्रिया शुरू की थी। लेकिन वार्ड नंबर 19 की यह ताजा घटना बताती है कि जमीनी स्तर पर अब भी बिचौलिये और भ्रष्ट अधिकारी हावी हैं। पीड़ितों ने अब डीएम से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि उन्हें उनका हक मिल सके।