ग्रेटर नोएडा में ड्रग लैब का भंडाफोड़, अमित शाह ने दिया नशा मुक्त भारत का लक्ष्य

देश में नशे के खिलाफ छिड़ी जंग अब और तेज हो गई है। हाल ही में ग्रेटर नोएडा में नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए 'ऑपरेशन क्रिस्टल हंट' के तहत दो गुप्त ड्रग मैन्युफैक्चरिंग लैब का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि नशे के सौदागरों के खिलाफ सरकार का शिकंजा कसता जा रहा है।
NCB की इस छापेमारी के दौरान अधिकारियों को भारी मात्रा में प्रतिबंधित सामग्री मिली। जांच में लगभग 380 किलोग्राम एम्फेटामाइन आधारित सामग्री और 10 किलोग्राम स्यूडोएफेड्रिन के साथ-साथ कई अन्य खतरनाक रसायन बरामद किए गए हैं। इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक विदेशी नागरिक भी शामिल है। गृह मंत्री अमित शाह ने इस बड़ी सफलता की सराहना की है और इसे नशे के खिलाफ एक महत्वपूर्ण प्रहार बताया है।
यूपी पुलिस का 'ऑपरेशन दहन' और बड़ी कार्रवाई
सिर्फ एनसीबी ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश पुलिस भी नशे के खिलाफ पूरी ताकत से जुटी हुई है। राज्य में चलाए गए 'ऑपरेशन दहन' के तहत साल 2026 में अब तक अभूतपूर्व कार्रवाई की गई है। पुलिस ने करीब 1.72 लाख किलोग्राम नशीले पदार्थों को नष्ट किया है, जिसकी बाजार में कीमत लगभग 418 करोड़ रुपये आंकी गई है।
इस अभियान के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। पुलिस ने अब तक 6,076 कथित तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा है और 96 अलग-अलग मामलों में करीब 80.33 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। इसके अलावा, राज्य में सक्रिय 26 ड्रग कार्टेल्स को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है और 5 गुप्त लैब को नष्ट किया गया है। फिलहाल 19 अंतरराज्यीय सिंडिकेट्स के खिलाफ जांच जारी है।
वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब दौरे के दौरान नशा विरोधी कार्यकर्ताओं के परिवारों से मुलाकात की और उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को दोहराते हुए स्पष्ट किया कि 31 दिसंबर 2029 तक भारत को पूरी तरह नशा मुक्त बनाना एक राष्ट्रीय प्राथमिकता है।