स्वामी शुक्लादेवनंद यूनिवर्सिटी में 75% अटेंडेंस अनिवार्य, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दिए सख्त निर्देश

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शाहजहाँपुर की स्वामी शुक्लादेवनंद यूनिवर्सिटी का दौरा कर 75% उपस्थिति और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली के निर्देश दिए।

Sushant Singh3 November 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
स्वामी शुक्लादेवनंद यूनिवर्सिटी में 75% अटेंडेंस अनिवार्य, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दिए सख्त निर्देश

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल और यूनिवर्सिटी की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने शाहजहाँपुर स्थित स्वामी शुक्लादेवनंद यूनिवर्सिटी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता और अनुशासन को लेकर कड़े निर्देश दिए। राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि यूनिवर्सिटी में छात्रों की न्यूनतम 75% उपस्थिति अनिवार्य होगी, ताकि पढ़ाई का स्तर बेहतर हो सके। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने चरित्र का हिस्सा बनाएं ताकि देश के विकास में उनका योगदान हो सके।

यूनिवर्सिटी पहुँचने पर राज्यपाल का स्वागत कुलपति प्रोफेसर पुष्पेंद्र बहादुर सिंह, वित्त अधिकारी अर्चना त्रिपाठी और कुलसचिव वी.के. मौर्य ने किया। आनंदीबेन पटेल ने कैंपस में स्थित स्वामी शुक्लादेवनंद के मंदिर में पूजा-अर्चना की और उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद एक समीक्षा बैठक हुई, जिसमें उन्होंने यूनिवर्सिटी को पूरी तरह पारदर्शी और आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया।

परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और डिजिटल लाइब्रेरी पर जोर

राज्यपाल ने परीक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्रों को उनकी ग्रेड की गई उत्तर पुस्तिकाओं को देखने का मौका मिलना चाहिए, ताकि वे अपनी गलतियों से सीख सकें। साथ ही, उन्होंने कमजोर छात्रों के लिए विशेष मार्गदर्शन और अभिभावकों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने की बात कही। उन्होंने यूनिवर्सिटी को जल्द से जल्द NAAC मान्यता की तैयारी शुरू करने का भी निर्देश दिया।

दौरे के दौरान राज्यपाल ने यूनिवर्सिटी के नए रीडिंग रूम और हाई-सिक्योरिटी कॉन्फिडेंशियल रूम का उद्घाटन किया। उन्होंने दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण और यूनिवर्सिटी की 100% किताबों के डिजिटलीकरण का निर्देश दिया। साइंस लैब के निरीक्षण के दौरान उन्होंने छात्रों से बातचीत की और उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, उन्होंने नशा मुक्ति अभियान को एक जन आंदोलन बनाने की अपील की।

कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने गरबा और कथक नृत्य की प्रस्तुति दी, जिसका राज्यपाल ने आनंद लिया। उन्होंने तीन पुस्तकें जारी कीं और 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत पौधारोपण भी किया। प्रस्थान से पहले उन्होंने पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव सुधीर एम. बोबडे, जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह और पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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