गोरखपुर: संक्रमित गाय का प्रसाद खाने से मचा हड़कंप, 450 लोगों को लगाया गया टीका

गोरखपुर के दादी खास गांव में संक्रमित गाय के दूध से बने प्रसाद के सेवन के बाद 450 लोगों को एंटी-रेबीज वैक्सीन लगाई गई।

Sushant Singh23 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
गोरखपुर: संक्रमित गाय का प्रसाद खाने से मचा हड़कंप, 450 लोगों को लगाया गया टीका

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के गोला ब्लॉक स्थित दादी खास गांव में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब दुर्गा पूजा के दौरान वितरित किए गए प्रसाद के जरिए रेबीज फैलने का खतरा पैदा हो गया। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने आनन-फानन में मोर्चा संभाला और अब तक करीब 450 लोगों को एंटी-रेबीज वैक्सीन लगाई जा चुकी है।

पूरा मामला नवमी यादव नामक व्यक्ति की एक गाय से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि एक आवारा कुत्ते ने इस गाय को काट लिया था, जिसके बाद गाय की तबीयत बिगड़ने लगी और बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को उसकी मौत हो गई। डर की बात यह रही कि गाय की मौत से पहले उसके दूध का इस्तेमाल 'चरणामृत' बनाने के लिए किया गया था। यह प्रसाद दादी खास और गोविंदपुर गांव के लोगों के बीच घरों और दुकानों में बांटा गया था।

स्वास्थ्य विभाग की इमरजेंसी कार्रवाई

जैसे ही यह खबर फैली कि जिस गाय का दूध इस्तेमाल हुआ वह संक्रमित थी, इलाके में दहशत फैल गई। 20 अक्टूबर को ही करीब 50 लोग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचे थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 21 अक्टूबर को गांव में ही एक विशेष मेडिकल कैंप लगाया गया, जहां 400 और लोगों का टीकाकरण किया गया। कुल मिलाकर अब तक 450 लोग वैक्सीन लगवा चुके हैं।

स्वास्थ्य विभाग की टीम में डिप्टी सीएमओ डॉ. राजेश कुमार और सीएचसी प्रभारी अमरेंद्र ठाकुर शामिल रहे। डॉ. कुमार ने स्पष्ट किया कि हालांकि गाय में रेबीज के लक्षण थे, लेकिन वैज्ञानिक रूप से उबले हुए दूध या उससे बने दही के जरिए वायरस फैलने का जोखिम कम होता है। फिर भी, सुरक्षा के लिहाज से सभी को टीका लगाना जरूरी समझा गया। पशु चिकित्सकों डॉ. बेचन सिंह और हरदेव यादव ने भी जानवर की जांच की थी।

गोला एसडीएम मनीष कुमार ने अपील की है कि जिन लोगों ने भी वह प्रसाद ग्रहण किया है, वे टीकाकरण का पूरा कोर्स जरूर पूरा करें। इस प्रोटोकॉल के तहत 0, 3, 7, 14 और 28वें दिन टीके लगाए जाते हैं, जिसके बाद 90वें दिन एक बूस्टर डोज दी जाती है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें अभी भी प्रभावित गांवों में निगरानी रख रही हैं ताकि कोई भी व्यक्ति टीकाकरण से वंचित न रहे।

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