गोरखपुर में औद्योगिक विकास की रफ्तार, 10 साल में 50 हजार युवाओं को मिला रोजगार: सीएम योगी
सीएम योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के औद्योगिक विकास और रोजगार पर चर्चा की। जानें कैसे GIDA बना निवेश का बड़ा केंद्र।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखते हुए क्षेत्र की बदलती तस्वीर पर चर्चा की। उन्होंने जोर देकर कहा कि गोरखपुर अब केवल एक शहर नहीं, बल्कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए औद्योगिक निवेश और रोजगार का एक बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, पिछले एक दशक में यहाँ के औद्योगिक परिदृश्य में भारी सुधार हुआ है, जिसका सीधा फायदा स्थानीय युवाओं को मिला है।
जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने बताया कि गोरखपुर में सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। उन्होंने विशेष रूप से GIDA (गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण) का जिक्र करते हुए कहा कि यह क्षेत्र अब युवाओं के लिए निवेश और नौकरी का मुख्य हब बन चुका है। पिछले 10 वर्षों के दौरान यहाँ लगभग 50 हजार युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं।
निवेश और बुनियादी ढांचे का विस्तार
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि क्षेत्र में नए उद्योगों की स्थापना की जा रही है, जिनमें मुख्य रूप से उर्वरक संयंत्र, चीनी मिलें, डिस्टिलरी, डेयरी, इथेनॉल प्लांट, स्टील प्लांट और सीमेंट फैक्ट्रियां शामिल हैं। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी पार्क और आयुष यूनिवर्सिटी का शुरू होना विकास के इस मॉडल का हिस्सा है।
सीएम योगी ने 'डबल इंजन' सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने युवाओं, किसानों और महिलाओं के उत्थान के लिए ठोस योजनाएं बनाई हैं। किसानों की समस्याओं पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान का जिला प्रशासन सर्वे कर रहा है, जिसके बाद प्रभावित किसानों को विशेष सहायता पैकेज दिया जाएगा।
प्रदेश के बदलते माहौल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश के पास वैश्विक निवेश को आकर्षित करने के लिए कोई स्पष्ट विजन या ठोस कार्ययोजना नहीं थी। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म' के मंत्र के साथ राज्य में निवेश और औद्योगिक विकास की एक नई संस्कृति विकसित हुई है, जिससे यूपी अब निवेश के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बन गया है।