गोरखपुर: अवैध हथियारों के साथ दो गिरफ्तार, लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कनेक्शन की जांच

गोरखपुर की पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार किया है। यह पूरी कार्रवाई खोरबार पुलिस स्टेशन द्वारा सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर की गई। पुलिस ने न केवल हथियारों की खेप पकड़ी है, बल्कि एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया है। पकड़े गए आरोपियों के पास से एक स्विफ्ट डिजायर कार (UP 53 BF 2735) और भारी मात्रा में अवैध गोला-बारूद बरामद हुआ है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान 19 वर्षीय अफजल खान (निवासी डिबिया, कैंट थाना) और 20 वर्षीय मोहम्मद शमी (निवासी दिव्यनगर रानीडीह, कैंट थाना) के रूप में हुई है। सीओ कैंट अरुण कुमार एस ने बताया कि तलाशी के दौरान एक .315 बोर की देसी पिस्तौल, एक .32 बोर की अवैध पिस्तौल (मैगजीन सहित) और एक 7.65 बोर का जिंदा कारतूस जब्त किया गया है।
पूर्व पार्षद की हत्या और बिश्नोई गैंग का कनेक्शन
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह है कि प्राथमिक जांच के अनुसार, इस नेटवर्क से सप्लाई किए गए हथियारों का इस्तेमाल करीब छह महीने पहले पूर्व पार्षद राजकुमार चौहान की हत्या में किया गया था। पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि ये हथियार कहां से आ रहे थे और इन्हें किसे बेचा जाना था।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस तस्करी नेटवर्क के तार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े हो सकते हैं। इस संदिग्ध कनेक्शन की पुष्टि के लिए जांच तेज कर दी गई है। खोरबार पुलिस स्टेशन में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 55 और 61, साथ ही आर्म्स एक्ट की धारा 9/25(1)(A) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
गौरतलब है कि इससे पहले 15 सितंबर को भी यूपी एसटीएफ की गोरखपुर यूनिट ने इसी नेटवर्क से जुड़े पांच अन्य तस्करों को गिरफ्तार किया था। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि अवैध हथियारों की सप्लाई चेन को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए यह अभियान जारी रहेगा।