गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक MLC चुनाव: गिनती दूसरे दिन भी जारी, सपा और निर्दलीय उम्मीदवार का बहिष्कार

गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक MLC चुनाव की गिनती दूसरे दिन भी जारी। बीजेपी उम्मीदवार आगे, जबकि सपा और निर्दलीय उम्मीदवार ने किया बहिष्कार।

Sushant Singh28 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक MLC चुनाव: गिनती दूसरे दिन भी जारी, सपा और निर्दलीय उम्मीदवार का बहिष्कार

गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक MLC चुनाव की मतगणना का सिलसिला दूसरे दिन भी जारी है। दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कॉमर्स फैकल्टी में चल रही इस प्रक्रिया में अब दूसरी वरीयता (second-preference) के वोटों का ट्रांसफर किया जा रहा है। चुनाव अधिकारियों ने सोमवार सुबह 8 बजे से इस काम को आगे बढ़ाया, जबकि स्ट्रॉन्ग रूम को सुबह 7:30 बजे खोला गया था।

मंडल आयुक्त और रिटर्निंग ऑफिसर इंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि अब तक 12 उम्मीदवारों को दौड़ से बाहर किया जा चुका है और उनके वोटों का वितरण किया जा रहा है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, बीजेपी उम्मीदवार ध्रुव त्रिपाठी करीब 901 वोटों की बढ़त बनाए हुए हैं। इससे पहले तीसरे राउंड की गिनती के बाद निर्दलीय उम्मीदवार राजीव यादव को 11,287, बीजेपी के ध्रुव कुमार त्रिपाठी को 10,911 और समाजवादी पार्टी के डॉ. संजयन त्रिपाठी को 8,169 वोट मिले थे। वहीं, शुरुआती दो राउंड में कुल 1,763 वोट अवैध पाए गए हैं।

गड़बड़ी के आरोपों के बीच बढ़ा तनाव

इस पूरी चुनावी प्रक्रिया के बीच विवाद गहरा गया है। समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार डॉ. संजयन त्रिपाठी और निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव ने गिनती का बहिष्कार कर दिया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सपा उम्मीदवार को हराने के लिए चुनावी धांधली और साजिश रची जा रही है।

इस बहिष्कार के बाद चुनाव आयोग ने मंडल आयुक्त से औपचारिक स्पष्टीकरण मांगा है। जिला मजिस्ट्रेट दीपक मीणा ने बताया कि मीडिया के लिए सख्त दिशा-निर्देश तय किए गए हैं और केवल निर्धारित क्षेत्रों में ही फोटोग्राफी की अनुमति है।

बता दें कि इस चुनाव की प्रक्रिया काफी जटिल है। इसमें सबसे कम वोट पाने वाले उम्मीदवारों को बाहर किया जाता है और उनके वोटों को दूसरी पसंद के आधार पर अन्य उम्मीदवारों में बांटा जाता है। यह सिलसिला तब तक चलता है जब तक कोई उम्मीदवार आवश्यक बहुमत हासिल नहीं कर लेता। यदि बहुमत नहीं मिलता, तो अंत में बचे उम्मीदवार को चुनाव आयोग की मंजूरी के बाद विजेता घोषित किया जा सकता है।

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