गोरखपुर-फैजाबाद MLC चुनाव: बीजेपी उम्मीदवार ध्रुव त्रिपाठी आगे, सपा और निर्दलीय के बीच कड़ी टक्कर
गोरखपुर-फैजाबाद MLC चुनाव की गिनती में बीजेपी के ध्रुव त्रिपाठी आगे चल रहे हैं, जबकि सपा और निर्दलीय उम्मीदवार के बीच कड़ी टक्कर है।
उत्तर प्रदेश की विधान परिषद के लिए गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। वोटों की गिनती के पहले दौर के नतीजों ने यह साफ कर दिया है कि यह मुकाबला त्रिकोणीय है और जीत का अंतर बहुत कम हो सकता है। फिलहाल बीजेपी के उम्मीदवार ध्रुव त्रिपाठी बढ़त बनाए हुए हैं, लेकिन उनके पीछे निर्दलीय उम्मीदवार राजीव यादव तेजी से पीछा कर रहे हैं।
27 अक्टूबर 2026 को हुई मतगणना के पहले दौर में बीजेपी के तीन बार के पूर्व विजेता ध्रुव त्रिपाठी को 3,813 वोट मिले हैं। वहीं, माध्यमिक शिक्षक संघ (एकजुट) से जुड़े निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव 3,703 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर हैं। समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार डॉ. संजयन त्रिपाठी 2,744 वोटों के साथ तीसरे नंबर पर चल रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राजीव यादव की मौजूदगी ने डॉ. संजयन त्रिपाठी के समीकरणों को काफी प्रभावित किया है, जो बीजेपी से टिकट न मिलने के बाद सपा में शामिल हुए थे।
गिनती के दौरान हंगामा और चुनाव आयोग की सख्ती
इस चुनाव में मतदाताओं का जबरदस्त उत्साह देखा गया और 23 अक्टूबर को हुई वोटिंग में 79.32% मतदान दर्ज किया गया, जो एक रिकॉर्ड है। हालांकि, मतगणना के दौरान माहौल तनावपूर्ण रहा। समर्थकों के बीच तीखी बहस हुई और राजीव यादव की ओर से अनियमितताओं के आरोप लगाए गए।
मामला तब और गरमा गया जब समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने गिनती में देरी और पारदर्शिता पर सवाल उठाए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त से इस मामले में हस्तक्षेप करने की औपचारिक मांग की है। बढ़ते तनाव और आरोपों के बीच चुनाव आयोग ने एक बड़ा कदम उठाते हुए ऑब्जर्वर आईएएस अधिकारी अभय सिंह को हटाकर प्रकाश बिंदु को नियुक्त किया है।
सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने सभी काउंटिंग सेंटरों पर सख्त प्रोटोकॉल लागू किए हैं, जिसमें पूरे परिसर की सीसीटीवी निगरानी शामिल है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।