गोरखपुर: कृत्रिम तालाबों में विसर्जित हुईं मां दुर्गा की प्रतिमाएं, प्रशासन की रही पैनी नजर

Shubham Singh21 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
गोरखपुर: कृत्रिम तालाबों में विसर्जित हुईं मां दुर्गा की प्रतिमाएं, प्रशासन की रही पैनी नजर

गोरखपुर में विजयदशमी के बाद दुर्गा पूजा के उत्सव का समापन बेहद श्रद्धा और उत्साह के साथ हुआ। 20 से 22 अक्टूबर तक चले विसर्जन अभियान के दौरान शहर के विभिन्न पंडालों से माता की प्रतिमाएं विसर्जित की गईं। इस दौरान भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी और माहौल पूरी तरह भक्तिमय रहा। मां विंध्यवासिनी समिति द्वारा राप्ती नदी के तट पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विसर्जन किया गया, जहां माता को विदाई देते समय श्रद्धालु भावुक नजर आए। भक्तों ने अगले वर्ष फिर से आने की कामना करते हुए सुख, शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की।

प्रदूषण रोकने के लिए प्रशासन का खास इंतजाम

नदियों और जल स्रोतों को प्रदूषित होने से बचाने के लिए जिला प्रशासन और गोरखपुर नगर निगम ने इस बार सख्त कदम उठाए। सभी समितियों को निर्देश दिए गए थे कि वे प्रतिमाओं का विसर्जन केवल निर्धारित कृत्रिम तालाबों में ही करें। इसके लिए एकला बांध, डोमिंगढ़ और महेशरा में विशेष तालाब तैयार किए गए थे।

जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन कड़ाई से कराया गया। सुरक्षा और सुविधा के लिए विसर्जन जुलूसों के लिए खास रूट तय किए गए थे और किसी भी नई परंपरा की अनुमति नहीं दी गई। 21 और 22 अक्टूबर को शाम 4 बजे से विसर्जन प्रक्रिया पूरी होने तक शहर में ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहा, ताकि आम जनता को परेशानी न हो।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुसार, प्रतिमाओं की ऊंचाई अधिकतम पांच फीट तक सीमित रखी गई थी। साथ ही ध्वनि प्रदूषण को रोकने और सूर्यास्त के बाद विसर्जन के नियमों का सख्ती से पालन कराया गया। सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह, डीआईजी एस. चन्नाप्पा, नगर आयुक्त अजय जैन और एसपी सिटी निमिष पाटिल जैसे वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। कृत्रिम तालाबों पर मजबूत बैरिकेडिंग की गई थी और क्षेत्र के बीट पुलिस अधिकारियों (BPO) को किसी भी अप्रिय घटना को रोकने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

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