गोरखपुर: प्रतिबंधित चाइनीज मांझे ने ली जान, मोपेड सवार युवक की गर्दन कटी

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां गोरखपुर चाइनीज मांझा हादसा एक परिवार के लिए काल बन गया। शनिवार दोपहर करीब 1 बजे इलहीबाग इलाके में एक 35 वर्षीय व्यक्ति की जान उस समय चली गई, जब उसकी गर्दन प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की चपेट में आ गई। यह हादसा उस समय हुआ जब वह अपनी दुकान पर जा रहा था।
जानकारी के मुताबिक, सूर्यकुंड निवासी रमेश कनौजिया अपनी मोपेड से अपनी कॉस्मेटिक्स दुकान की ओर जा रहे थे। जैसे ही वह तिवारीपुर थाना क्षेत्र के हवार्ट तटबंध के पास पहुंचे, हवा में लहरा रहे कांच लगे चाइनीज मांझे ने उनकी गर्दन को बुरी तरह जकड़ लिया। धागा इतना तेज और धारदार था कि देखते ही देखते रमेश की गर्दन कट गई और वह लहूलुहान होकर गिर पड़े।
आसपास मौजूद लोग और पुलिसकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे और उन्हें आनन-फानन में जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया है। रमेश अपने पीछे पत्नी पुन्ना, पिता फकीर, एक नौ साल की बेटी और पांच साल के बेटे को छोड़ गए हैं।
लापरवाही पर एक्शन और पुलिस का अभियान
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है, क्योंकि प्रतिबंधित मांझे की बिक्री पर रोक के बावजूद यह बाजार में उपलब्ध है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है और स्थानीय पुलिस चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है।
कोतवाली के सर्कल ऑफिसर ओनकार दत्त तिवारी ने पुष्टि की है कि मामले की जांच जारी है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। वहीं, जनता के गुस्से और इस दुखद घटना के बाद पुलिस ने अब कड़ा रुख अपनाया है। पूरे इलाके में चाइनीज मांझे की बिक्री और इस्तेमाल को रोकने के लिए 48 घंटे का विशेष अभियान चलाने का ऐलान किया गया है, ताकि भविष्य में किसी और की जान इस घातक धागे की वजह से न जाए।