रवि किशन से विवाद के बाद अखिलेश यादव से मिले बीजेपी पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी, लगाए गंभीर आरोप

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। बेतियाहाता के बीजेपी पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की है। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब गोरखपुर के सांसद रवि किशन के साथ उनका सार्वजनिक विवाद चर्चा का विषय बना हुआ था। लखनऊ में अखिलेश यादव से मिलने के बाद विश्वजीत त्रिपाठी ने सीधे तौर पर अपनी नाराजगी जाहिर की है और अब वे समाजवादी पार्टी के करीब नजर आ रहे हैं।
लखनऊ से वापस गोरखपुर लौटते ही विश्वजीत त्रिपाठी ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। उन्होंने शिक्षक चुनाव के लिए संजय त्रिपाठी के समर्थन में प्रचार शुरू कर दिया है, जिन्होंने हाल ही में बीजेपी छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थामा है। मीडिया से बात करते हुए त्रिपाठी ने अपनी पार्टी के भीतर चल रही कलह और आंतरिक विवादों को खुलकर उजागर किया है।
बीजेपी संगठन 'हाईजैक' होने का दावा
विश्वजीत त्रिपाठी ने गोरखपुर बीजेपी संगठन पर हमला बोलते हुए दावा किया कि यहाँ पार्टी का कामकाज अब अटल बिहारी वाजपेयी के सिद्धांतों पर नहीं चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि गोरखपुर में बीजेपी संगठन को 'हाईजैक' कर लिया गया है और वर्तमान में यह हिंदू युवा वाहिनी के प्रभाव में है। उन्होंने पूर्व राष्ट्रीय महासचिव डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल का जिक्र करते हुए कहा कि स्थानीय संगठन द्वारा उनका अपमान किया गया, जिसकी झलक उनके सोशल मीडिया पोस्ट में भी दिखती है।
बीजेपी नेता विनोद तावड़े के प्रभाव पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि तावड़े दिल्ली में तो अपनी पकड़ रख सकते हैं, लेकिन गोरखपुर में उनका कोई नियंत्रण नहीं है क्योंकि यहाँ की कमान कुछ अन्य ताकतों के हाथ में है।
विकास और प्रशासन पर प्रहार करते हुए पार्षद ने कहा कि पिछले नौ सालों में शहर की हालत खराब हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामूली बारिश में भी वार्ड और सड़कें जलमग्न हो जाती हैं। साथ ही, उन्होंने सरकारी अधिकारियों की मनमानी और भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया। शिक्षा व्यवस्था का जिक्र करते हुए उन्होंने वर्धा के पूर्व कुलपति चित्तरंजन मिश्रा के साथ हुए कथित अपमान को शासन की विफलता का उदाहरण बताया।
अंत में, अखिलेश यादव की तारीफ करते हुए विश्वजीत त्रिपाठी ने कहा कि वे सभी समुदायों के नेता हैं। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में ब्राह्मणों का उत्पीड़न हो रहा है, जिसके कारण अब वे समाजवादी पार्टी की ओर रुख कर रहे हैं ताकि प्रदेश में सपा की सरकार बन सके।