गोंडा: दिवाली और छठ पूजा को लेकर SP अभिषेक अलर्ट, सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की

गोंडा SP अभिषेक ने दिवाली और छठ पूजा के मद्देनजर सुरक्षा समीक्षा बैठक की और पुलिसकर्मियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए।

Shubham Singh5 November 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
गोंडा: दिवाली और छठ पूजा को लेकर SP अभिषेक अलर्ट, सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की

आने वाले त्योहारों के दौरान जिले में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए गोंडा के पुलिस अधीक्षक (SP) अभिषेक ने कमर कस ली है। मंगलवार को पुलिस लाइन्स ऑडिटोरियम में आयोजित एक महत्वपूर्ण पुलिस कॉन्फ्रेंस और क्राइम रिव्यू मीटिंग के दौरान उन्होंने सुरक्षा इंतजामों का बारीकी से जायजा लिया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दिवाली और छठ पूजा जैसे बड़े त्योहारों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना और अपराध पर लगाम लगाना था।

बैठक की शुरुआत में SP अभिषेक ने पुलिसकर्मियों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए उनके विभागीय, कल्याणकारी और व्यक्तिगत मुद्दों को सुना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि पुलिस स्टाफ की सभी शिकायतों और समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान किया जाए, ताकि जवान पूरी ऊर्जा के साथ अपनी ड्यूटी निभा सकें।

त्योहारों पर सुरक्षा और अपराध नियंत्रण के लिए कड़े निर्देश

क्राइम रिव्यू मीटिंग में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों (SHOs) ने हिस्सा लिया। SP अभिषेक ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान बाजारों, भीड़-भाड़ वाले इलाकों और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए। विशेष रूप से छठ पूजा के घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और निरंतर पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं।

सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए SP ने निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

  • सीमावर्ती क्षेत्रों, नहरों के पास और संवेदनशील पॉइंट्स पर CCTV कैमरे लगाए जाएं और पुराने कैमरों की कार्यक्षमता जांची जाए।
  • रात की पेट्रोलिंग को प्रभावी बनाया जाए और संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की सघन चेकिंग की जाए।
  • IGRS पोर्टल के माध्यम से आने वाली जनशिकायतों का निष्पक्ष और समयबद्ध निस्तारण किया जाए।
  • 'यक्ष ऐप' (Yaksh App) का व्यापक उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

अपराध नियंत्रण पर जोर देते हुए SP ने कहा कि लंबित विशेष अपराधों की जांच में कोई देरी नहीं होनी चाहिए और पुख्ता सबूत जुटाकर मामलों को जल्द निपटाया जाए। अपहरण जैसे गंभीर मामलों में तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर पीड़ितों की सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, हिस्ट्रीशीटरों के खिलाफ कोर्ट में मजबूत पैरवी के लिए अभियोजन विभाग के साथ बेहतर समन्वय बनाने को कहा गया है ताकि अपराधियों को जल्द से जल्द सजा मिल सके।

बैठक के अंत में सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में हाई अलर्ट पर रहने और सतर्कता बरतने की हिदायत दी गई ताकि आम जनता बिना किसी डर के त्योहार मना सके।

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