गोंडा: खुद का किडनैपिंग ड्रामा रचकर भाइयों से ऐंठने थे पैसे, पुलिस ने 3 को दबोचा

गोंडा पुलिस ने एक फर्जी अपहरण की साजिश का पर्दाफाश किया है, जहां युवक ने खुद को किडनैप बताकर भाइयों से पैसे ऐंठने की कोशिश की।

Sushant Singh29 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
गोंडा: खुद का किडनैपिंग ड्रामा रचकर भाइयों से ऐंठने थे पैसे, पुलिस ने 3 को दबोचा

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने पैसों के लालच में खुद के अपहरण की झूठी कहानी रच डाली। गोंडा पुलिस ने फर्जी किडनैपिंग के इस पूरे खेल का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

घटना की शुरुआत मंगलवार शाम को हुई, जब चिवथवा निवासी सुनील ने यूपी 112 इमरजेंसी सर्विस को फोन कर सूचना दी कि उनके भाई शिवम राजभर का अपहरण कर लिया गया है। सूचना मिलते ही थाना अधिकारी ज्ञान सिंह और उनकी टीम हरकत में आई। पुलिस को किडनैपरों की ओर से फिरौती के मैसेज मिल रहे थे, जिसके बाद पुलिस ने मोबाइल लोकेशन ट्रेस करना शुरू किया।

तलाशी अभियान के दौरान पुलिस को राघव बस्ती के पास सड़क से करीब एक किलोमीटर दूर गन्ने के खेत में शिवम राजभर मिला। शुरुआत में यह दावा किया गया कि शिवम को बेहोशी का इंजेक्शन दिया गया था, जिसके बाद उसे तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बभनजोत ले जाया गया। लेकिन जब पुलिस ने गहराई से पूछताछ की, तो पूरी कहानी ही पलट गई।

लालच में बुना साजिश का जाल

पूछताछ में खुलासा हुआ कि शिवम ने अपने भाइयों से 10,000 रुपये ऐंठने के लिए यह पूरा नाटक रचा था। उसने इस साजिश में अपने दो साथियों को शामिल किया था। पुलिस ने शिवम के बताए आधार पर उसके ममेरे भाई राहुल (निवासी पिपरा इस्माइल) और मासूम रजा (निवासी जलालपुर) को भी गिरफ्तार कर लिया।

पकड़े गए तीनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है और माना कि बेहोशी का नाटक सिर्फ पुलिस और परिवार को गुमराह करने के लिए किया गया था। खोदरे पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और वारदात में इस्तेमाल किए गए तीन मोबाइल फोन बरामद कर लिए हैं। फिलहाल तीनों आरोपी पुलिस की हिरासत में हैं और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

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