गोंडा: साइबर ठगों के जाल से बचाने के लिए पुलिस उतरी सड़कों पर, 18 थानों में चला अभियान

डिजिटल दौर में बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड को देखते हुए गोंडा पुलिस ने कमर कस ली है। साइबर जागरूकता माह के अवसर पर जिले के सभी 18 पुलिस स्टेशनों के माध्यम से एक बड़ा गोंडा साइबर जागरूकता अभियान चलाया गया। इस मुहिम के तहत पुलिस की टीमों ने बाजारों, स्कूलों, कॉलेजों और ग्राम पंचायतों सहित कई सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचकर लोगों को जागरूक किया, ताकि आम नागरिक व्हाट्सएप और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से होने वाली धोखाधड़ी का शिकार न हों।
इन खतरों से बचने की दी सलाह
अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने जनता को बताया कि आजकल ठग नए-नए तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। लोगों को विशेष रूप से फेक केवाईसी (KYC) फ्रॉड, एपीके (APK) स्कैम, नौकरी और लोन के नाम पर होने वाली ठगी, ओटीपी स्कैम और फर्जी पहचान बताकर पैसे ऐंठने वाले गिरोहों के प्रति आगाह किया गया।
पुलिस ने नागरिकों को सख्त हिदायत दी है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए संदिग्ध लिंक, एपीके, पीडीएफ या ज़िप फाइल को डाउनलोड न करें और न ही उन्हें खोलें। अक्सर केवाईसी अपडेट या लुभावने जॉब ऑफर के बहाने ऐसे लिंक भेजे जाते हैं, जो आपके फोन का पूरा कंट्रोल ठगों के हाथ में दे सकते हैं।
इसके अलावा, पुलिस ने चेतावनी दी कि व्हाट्सएप पर यदि कोई खुद को पुलिस अधिकारी, बैंक कर्मचारी या आपका कोई रिश्तेदार बताकर पैसे मांगे, तो बिना पहचान की पुष्टि किए कोई ट्रांजेक्शन न करें। साथ ही, अपना ओटीपी, पिन, सीवीवी नंबर या पासवर्ड कभी भी किसी के साथ साझा न करें।
अगर हो जाए धोखाधड़ी तो क्या करें?
गोंडा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो उसे बिना समय गंवाए तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए या आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए।