गोंडा पुलिस का बड़ा एक्शन: वर्क-फ्रॉम-होम और फर्जी नौकरी के स्कैम पर चलाया जागरूकता अभियान
गोंडा पुलिस ने वर्क-फ्रॉम-होम और फर्जी नौकरी के स्कैम से बचने के लिए जागरूकता अभियान चलाया। जानें कैसे सुरक्षित रहें।

आजकल इंटरनेट के दौर में घर बैठे पैसे कमाने का लालच कई लोगों को भारी पड़ रहा है। इसी खतरे को देखते हुए गोंडा पुलिस ने जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में एक व्यापक साइबर जागरूकता अभियान चलाया। क्षेत्रीय ब्यूरो प्रमुख अमित कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में पुलिस ने आम जनता को उन तरीकों के बारे में आगाह किया, जिनका इस्तेमाल जालसाज लोगों को ठगने के लिए कर रहे हैं।
पुलिस ने बताया कि साइबर अपराधी सोशल मीडिया, व्हाट्सएप, टेलीग्राम और ईमेल के जरिए लोगों को 'वर्क-फ्रॉम-होम' या पार्ट-टाइम नौकरी के लुभावने ऑफर भेजते हैं। इन विज्ञापनों में बहुत कम मेहनत में भारी सैलरी और मुनाफे का वादा किया जाता है। ठगी का तरीका यह होता है कि अपराधी पहले छोटे-छोटे टास्क देकर पीड़ित का भरोसा जीतते हैं और फिर रजिस्ट्रेशन फीस, सिक्योरिटी डिपॉजिट या टैक्स के नाम पर बड़ी रकम वसूल लेते हैं।
साइबर ठगी से बचने के लिए पुलिस की जरूरी सलाह
गोंडा पुलिस ने नागरिकों को सुरक्षित रखने के लिए कुछ महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनका पालन करना बेहद जरूरी है:
- नौकरी के लिए केवल अधिकृत और विश्वसनीय जॉब पोर्टल या कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें।
- किसी भी अनजान व्यक्ति या संदिग्ध बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर न करें और न ही किसी संदिग्ध QR कोड को स्कैन करें।
- अनजान लिंक, QR कोड या APK फाइलों को डाउनलोड करने से बचें।
- अपना बैंक अकाउंट विवरण, यूपीआई पिन, एटीएम पिन या ओटीपी (OTP) किसी के साथ साझा न करें।
- किसी भी जॉब ऑफर की सत्यता जांचने के लिए कंपनी के आधिकारिक पते और कस्टमर केयर नंबर का सत्यापन जरूर करें।
पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि 'लालच से बचें, सतर्क रहें और सुरक्षित रहें'। यदि कोई व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो उसे तुरंत नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए या आधिकारिक पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए।