गोंडा पुलिस का बड़ा अभियान: ईमेल फिशिंग से बचने के लिए 620 लोगों को किया जागरूक

डिजिटल दौर में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए उत्तर प्रदेश की गोंडा पुलिस ने एक बड़ी पहल की है। 'साइबर जागरूकता माह' के तहत जिले के सभी थानों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें करीब 620 पुरुषों, महिलाओं और छात्रों को ईमेल फिशिंग के खतरों के प्रति सचेत किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को उन तरीकों से अवगत कराना है जिनसे साइबर अपराधी उनके बैंक खातों और निजी जानकारी तक पहुँच बनाते हैं।
सावधान! बैंक अकाउंट बंद होने या लॉटरी का झांसा दे सकते हैं ठग
क्षेत्रीय ब्यूरो प्रमुख अमित कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि आजकल साइबर अपराधी लोगों को जाल में फंसाने के लिए फर्जी ईमेल का सहारा ले रहे हैं। ये ईमेल अक्सर बैंक अकाउंट बंद होने की चेतावनी, केवाईसी (KYC) अपडेट करने का अनुरोध या फर्जी लॉटरी जीतने जैसे लुभावने संदेशों के रूप में आते हैं। ठग बैंक, सरकारी विभागों या बड़ी कंपनियों के नाम का इस्तेमाल कर संदिग्ध लिंक या अटैचमेंट भेजते हैं। जैसे ही कोई यूजर इन पर क्लिक करता है, उसकी गोपनीय जानकारी चोरी हो जाती है, जिससे बैंक बैलेंस साफ हो सकता है या सोशल मीडिया अकाउंट हैक हो सकते हैं।
गोंडा पुलिस ने लोगों को सुरक्षित रखने के लिए कुछ जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- अंजान ईमेल में दिए गए किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
- ईमेल भेजने वाले के डोमेन एड्रेस की अच्छी तरह जांच करें।
- संदिग्ध अटैचमेंट डाउनलोड करने से बचें।
- अपना ओटीपी (OTP), पासवर्ड, यूपीआई पिन या बैंकिंग विवरण कभी किसी के साथ साझा न करें।
- बैंक या सरकारी संस्थाओं से आए ईमेल की पुष्टि आधिकारिक माध्यमों से करें।
- मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) चालू रखें।
पुलिस ने अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो वह तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करे या आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराए। पुलिस का कहना है कि जिले में डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के जागरूकता प्रयास लगातार जारी रहेंगे।