गोंडा पुलिस ने म्यूल बैंक अकाउंट के जरिए ठगी करने वाले साइबर अपराधी को दबोचा

उत्तर प्रदेश की गोंडा पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक शातिर ठग को गिरफ्तार किया है। गोंडा साइबर फ्रॉड गिरफ्तारी के इस मामले में पुलिस ने दिवाकर शुक्ला नामक व्यक्ति को पकड़ा है, जो म्यूल बैंक अकाउंट के जरिए अवैध पैसों का लेन-देन कर लोगों को चूना लगा रहा था।
जांच में यह बात सामने आई कि आरोपी के केनरा बैंक खाते का इस्तेमाल साइबर अपराध से कमाई गई रकम को ट्रांसफर करने के लिए किया जा रहा था। इस जालसाजी का खुलासा तब हुआ जब देश के अलग-अलग राज्यों से दो शिकायतें दर्ज कराई गईं। इन शिकायतों के मुताबिक, ठगी का कुल शिकार करीब 5,04,800 रुपये का हुआ है।
डिजिटल इंटेलिजेंस और घेराबंदी से पकड़ा गया आरोपी
पुलिस ने इस आरोपी तक पहुँचने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया। गृह मंत्रालय के NCRP पोर्टल, समन्वय और प्रतिबिंब प्लेटफॉर्म से मिले डिजिटल इनपुट के आधार पर दिवाकर शुक्ला की पहचान की गई। जब उसके मोबाइल नंबर और बैंक खाते से जुड़ी साइबर अपराध की शिकायतें मिलीं, तो खरगुपुर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की गई।
11 अक्टूबर 2026 को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी शहर छोड़कर भागने की फिराक में है। इसके बाद सब-इंस्पेक्टर शंकर सोनकर और कॉन्स्टेबल गौरव सिंह ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सेवरहा तिराहे पर घेराबंदी की और उसे धर दबोचा। पुलिस ने उसके पास से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है।
दिवाकर शुक्ला के खिलाफ खरगुपुर पुलिस स्टेशन में केस नंबर 265/2026 दर्ज किया गया है। उस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 317(5) के साथ-साथ आईटी एक्ट की धारा 66D के तहत आरोप लगाए गए हैं। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को अदालत भेज दिया गया है।