गोंडा: करनैलगंज की रामलीला में 'फांसी का नाटक' की अनोखी परंपरा, उमड़ती है भारी भीड़

Sushant Singh19 October 20261 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
गोंडा: करनैलगंज की रामलीला में 'फांसी का नाटक' की अनोखी परंपरा, उमड़ती है भारी भीड़

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में स्थित करनैलगंज की ऐतिहासिक रामलीला अपनी एक बेहद खास और अनोखी परंपरा के लिए जानी जाती है। यहाँ दशहरा उत्सव से ठीक एक दिन पहले गोंडा की फांसी का नाटक का मंचन किया जाता है, जिसे देखने के लिए हर साल हजारों की संख्या में लोग जुटते हैं। यह नाटक केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि समाज को अपराध और उसके अंजाम के प्रति जागरूक करने का एक जरिया भी है।

इस नाटक की कहानी एक व्यापारी के इर्द-गिर्द घूमती है, जो व्यापार के सिलसिले में दशहरा मेले में आता है। कहानी में मोड़ तब आता है जब एक अपराधी उस व्यापारी की हत्या कर देता है। इसके बाद मंच पर पूरी न्यायिक प्रक्रिया को जीवंत किया जाता है, जिसमें पुलिस जांच से लेकर अदालत की सुनवाई और अंत में मृत्युदंड सुनाए जाने तक के दृश्यों को दिखाया जाता है।

अपराध और न्याय का जीवंत संदेश

इस पूरे नाटक में रामलीला समिति के स्थानीय कलाकार ही अलग-अलग भूमिकाएं निभाते हैं। कोई पुलिस अधिकारी बनता है, तो कोई डॉक्टर, वकील, जज और जल्लाद की भूमिका में नजर आता है। नाटक का सबसे रोमांचक और मुख्य हिस्सा इसका क्लाइमेक्स होता है, जहाँ दोषी को रामलीला मैदान में करीब 30 फीट ऊंचे फंदे पर प्रतीकात्मक रूप से फांसी दी जाती है।

आयोजकों का कहना है कि इस अनोखी प्रस्तुति का मुख्य उद्देश्य लोगों को यह बताना है कि अपराध का रास्ता हमेशा विनाश की ओर ले जाता है। इस नाटक के जरिए समाज को यह संदेश दिया जाता है कि कानून सर्वोपरि है और किसी भी गलत काम का परिणाम गंभीर होता है। धार्मिक परंपरा और सामाजिक संदेश का यह संगम करनैलगंज की रामलीला को पूरे क्षेत्र में खास बनाता है।

Share:

Comments

Leave a comment