गोंडा: अयोध्या घूमने के लिए युवक ने रचा खुद के अपहरण का ड्रामा, पुलिस ने ऐसे खोला राज
गोंडा में अयोध्या घूमने के लिए युवक ने अपने ही साथियों के साथ मिलकर फर्जी अपहरण की साजिश रची, पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार किया।

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने अयोध्या की यात्रा पर जाने के लिए पैसों का इंतजाम करने के लिए खुद के ही अपहरण की झूठी कहानी रच डाली। इस साजिश में वह अपने दोस्तों के साथ मिला हुआ था, लेकिन पुलिस की सतर्कता ने उनके इस 'मास्टर प्लान' की हवा निकाल दी। पुलिस ने इस मामले में कथित पीड़ित समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
पूरी घटना की शुरुआत 27 अक्टूबर की शाम को हुई, जब सुनील राजभर ने डायल-112 इमरजेंसी सर्विस को सूचना दी कि उनका भाई शिवम राजभर लापता है। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और शिवम के मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रैक करना शुरू किया। हेड कांस्टेबल चंद्रशेखर मौर्य के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जब गन्ने के खेतों में तलाशी अभियान चलाया, तो वहां शिवम छिपा हुआ मिला।
नशे की हालत में बनाया प्लान, फिर भेजी धमकी भरी तस्वीरें
पुलिस ने शिवम को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बभनजोत पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसकी सेहत को सामान्य बताया। शुरुआत में शिवम ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और दावा किया कि विकास, विशाल और राज नाम के तीन लोगों ने उसे नशीला इंजेक्शन देकर किडनैप कर लिया था। हालांकि, पुलिस को उसकी बातों पर शक हुआ क्योंकि उसके शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं था।
जब पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाला, तो चौंकाने वाली बातें सामने आईं। पता चला कि शिवम के परिवार को डराने के लिए उसकी तस्वीरें, वॉयस मैसेज और जान से मारने की धमकियां भेजी गई थीं। कड़ी पूछताछ के बाद शिवम टूट गया और उसने सच उगल दिया। उसने कबूल किया कि शराब के नशे में उसने अपने चचेरे भाई राहुल राजभर उर्फ सूरज और दोस्त मासूम रजा के साथ मिलकर यह साजिश रची थी।
इन तीनों का मकसद परिवार से 10,000 रुपये वसूलना था, ताकि उन पैसों से वे अयोध्या की सैर कर सकें। योजना के मुताबिक, शिवम गन्ने के खेत में छिपा रहा और उसके साथी परिवार को फिरौती के मैसेज भेजते रहे। पुलिस ने इस मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके पास से तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। खोडरे पुलिस ने राहुल, मासूम और शिवम के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(5) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।