गोंडा: फर्जी फाइनेंस कंपनी बनाकर लाखों की ठगी करने वाला मुराद अली गिरफ्तार
गोंडा पुलिस ने फर्जी फाइनेंस कंपनी के जरिए लाखों की ठगी करने वाले मुराद अली को गिरफ्तार किया है। जानें कैसे बिछाया था जाल।

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले की कौड़िया पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए फर्जी फाइनेंस कंपनी के जरिए धोखाधड़ी करने वाले वांछित आरोपी मुराद अली को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने 'यूके फिन सर्विस प्राइवेट लिमिटेड' नाम की एक फर्जी कंपनी बनाई थी, जिसके जरिए उसने लोगों को कम ब्याज पर लोन दिलाने का लालच देकर करीब 3.24 लाख रुपये की ठगी की थी।
इस पूरे खेल की शुरुआत साल 2023 में हुई, जब भयरमपुर गांव के रहने वाले राहुल कुमार मिश्रा की मुलाकात बंगई कौड़िया रेलवे स्टेशन पर मुराद अली से हुई। मुराद ने राहुल को अपने जाल में फंसाया और उसे कंपनी का एजेंट बनाकर अन्य लोगों को जोड़ने के लिए राजी कर लिया। इसके बाद राहुल ने 25 लोगों से फाइल चार्ज के नाम पर 4,500 रुपये प्रति व्यक्ति (कुल 1,12,500 रुपये) और 12 अन्य लोगों से बीमा प्रीमियम के नाम पर 17,700 रुपये प्रति व्यक्ति (कुल 2,12,400 रुपये) वसूले।
दस्तावेज दिए पर लोन नहीं, पैसे मांगने पर दी धमकी
कुल इकट्ठा हुए 3,24,900 रुपये में से 86,000 रुपये मुराद अली के यूनियन बैंक खाते में जमा किए गए, जबकि बाकी की रकम 29 सितंबर 2023 को भयरमपुर गांव में हुई एक मीटिंग के दौरान मुराद के साथियों अरमान और शिफा को सौंप दी गई। ठगी को असली दिखाने के लिए पीड़ितों को जॉइनिंग लेटर, आईडी कार्ड और ऑफर लेटर जैसे फर्जी दस्तावेज भी थमाए गए, लेकिन वादा किया गया लोन कभी नहीं मिला। जब परेशान पीड़ितों ने अपने पैसे वापस मांगे, तो उन्हें डराया-धमकाया जाने लगा।
पुलिस पूछताछ में मुराद अली ने स्वीकार किया कि वह मेरठ के जलालपुर निवासी अरमान (उर्फ आसिफ) और शिफा के साथ मिलकर यह स्कैम चला रहा था। मूल रूप से हापुड़ जिले का रहने वाला और फिलहाल मुरादाबाद में रह रहा मुराद अली 29 अक्टूबर को कर्नलगंज तहसील के पास से पकड़ा गया।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं (419, 420, 467, 468, 471, 504, 506 और 120B) के तहत मामला दर्ज कर उसे कोर्ट में पेश किया है। इस गिरफ्तारी में सब-इंस्पेक्टर गोलू कुमार तिवारी, हेड कॉन्स्टेबल कमलेश यादव और बलविंदर सिंह की मुख्य भूमिका रही।