अवैध अतिक्रमण मामला: इलाहाबाद हाईकोर्ट में पेश होंगी गोंडा डीएम प्रियंका निरंजन

सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के एक गंभीर मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। गोंडा जिले की जिलाधिकारी (DM) प्रियंका निरंजन को आज सोमवार को लखनऊ बेंच में व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया गया है। यह पूरा मामला तरबगंज तहसील के नगवा गांव में सरकारी खलिहानों और खाद गड्ढों की जमीन पर हुए अवैध अतिक्रमण से जुड़ा है।
कोर्ट नंबर 8 में जस्टिस जसप्रीत सिंह की बेंच इस मामले की सुनवाई करेगी। डीएम को न केवल अदालत में हाजिर होना है, बल्कि पिछले आदेशों के पालन की वर्तमान स्थिति और अब तक की गई कार्रवाई का पूरा ब्यौरा एक व्यक्तिगत हलफनामे (Affidavit) के जरिए पेश करना होगा।
क्या है पूरा मामला और किसने की शिकायत?
इस मामले की शुरुआत 15 सितंबर 2026 को पूर्व ग्राम प्रधान पराग दत्त मिश्रा द्वारा दायर एक जनहित याचिका (PIL) से हुई थी। याचिका में आरोप लगाया गया है कि नगवा और जमुआ गांवों के चार अलग-अलग प्लॉट नंबरों पर, जिन्हें राजस्व रिकॉर्ड में सरकारी खलिहान और खाद गड्ढे के रूप में दर्ज किया गया है, कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया है।
इस याचिका में कुल 19 लोगों को नामजद किया गया है, जिनमें गंगाराम, छंगुर, बृजेश कुमार सिंह, शिव शंकर तिवारी, शिवदान सिंह, बशीर, संजू सिंह, हलवंत सिंह, पारस नाथ सिंह, जयपाल सिंह, देवेंद्र प्रताप सिंह, मोहम्मद नईम, दयाशंकर सिंह, ब्रह्म दत्त सिंह, सालिक राम, हरिश्चंद्र, शेष राज सिंह, प्रदीप सिंह और शमसुद्दीन शामिल हैं।
इससे पहले की सुनवाई में हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन को इन कब्जों को हटाने और उसकी अनुपालन रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे। आज की सुनवाई में मुख्य रूप से इस बात पर जोर रहेगा कि जमीन की वर्तमान स्थिति क्या है, अतिक्रमणकारियों को बेदखल करने के लिए क्या कदम उठाए गए और न्यायिक निर्देशों का पालन किस हद तक हुआ है। इस मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर काफी चर्चा है और सबकी नजरें कोर्ट के अगले आदेश पर टिकी हैं।