जनगणना 2027: ट्रेनिंग से गायब कर्मियों पर भड़कीं गोंडा DM, दिए कार्रवाई के आदेश
गोंडा की डीएम प्रियंका निरंजन ने जनगणना 2027 की ट्रेनिंग में अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में जनगणना 2027 की तैयारियों को लेकर प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित एक समीक्षा बैठक के दौरान जिला मजिस्ट्रेट प्रियंका निरंजन ने उन कर्मचारियों के प्रति कड़ा रुख अपनाया है, जो अनिवार्य ट्रेनिंग सत्रों से नदारद रहे। डीएम ने स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अनुपस्थित रहने वाले कर्मियों पर नियमों के मुताबिक विभागीय कार्रवाई शुरू की जाए।
सेल्फ-एन्युमरेशन के लिए चलेगा जागरूकता अभियान
बैठक के दौरान डीएम प्रियंका निरंजन ने जनगणना के दूसरे चरण, यानी जनसंख्या गणना की तैयारियों की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने प्रगणकों और सुपरवाइजरों के प्रशिक्षण शेड्यूल और सेल्फ-एन्युमरेशन (स्व-गणना) की रूपरेखा पर चर्चा की। डीएम ने निर्देश दिए कि 16 नवंबर, 2026 से शुरू होने वाली स्व-गणना प्रक्रिया के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि आम जनता को इसके उद्देश्यों और फायदों के बारे में पता चले और अधिक से अधिक लोग इसमें हिस्सा लें।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को समय सीमा के भीतर अपनी जिम्मेदारियां पूरी करने और प्रचार-प्रसार की योजना को अंतिम रूप देने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ट्रेनिंग और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा की जाएगी ताकि प्रोजेक्ट शेड्यूल का सख्ती से पालन हो सके।
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दयानंद प्रसाद, अपर जिलाधिकारी प्रमोद झा, मुख्य राजस्व अधिकारी रिंकी जायसवाल, संबंधित एसडीएम और जनगणना प्रशिक्षक विनीत कुमार मिश्रा सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।