गोंडा में चक्रवात अर्नब का खतरा: डीएम ने जारी की चेतावनी, सुरक्षित रहने के लिए दिए निर्देश

चक्रवात अर्नब के प्रभाव से गोंडा में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी। डीएम प्रियंका निरंजन ने नागरिकों के लिए सुरक्षा गाइडलाइंस जारी की हैं।

Sushant Singh27 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
गोंडा में चक्रवात अर्नब का खतरा: डीएम ने जारी की चेतावनी, सुरक्षित रहने के लिए दिए निर्देश

बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवात अर्नब के प्रभाव से उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में मौसम बिगड़ने की आशंका है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। जिला मजिस्ट्रेट प्रियंका निरंजन ने आम जनता के लिए एक विस्तृत सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है, ताकि भारी बारिश और तेज हवाओं के दौरान होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।

प्रशासन के मुताबिक, 29 और 30 अक्टूबर 2026 को जिले में प्रतिकूल मौसम रहने की संभावना है। इस दौरान तेज हवाएं चल सकती हैं और भारी बारिश हो सकती है। डीएम ने लोगों से अपील की है कि वे बिना किसी जरूरी काम के घर से बाहर न निकलें। विशेष रूप से कच्चे घरों या जर्जर इमारतों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। साथ ही, भारी बारिश के दौरान नदियों, नालों और जलजमाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने को कहा गया है।

सुरक्षा के लिए इन बातों का रखें खास ख्याल

जिला प्रशासन ने नागरिकों की सुरक्षा के लिए कई जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य है:

  • इमरजेंसी किट तैयार रखें: अपने पास टॉर्च, मोबाइल, पावर बैंक, जरूरी दवाइयां, पीने का पानी और सूखा राशन तैयार रखें।
  • बिजली से सावधानी: तूफान के दौरान बिजली के उपकरणों को अनप्लग कर दें और गीले हाथों से स्विच को न छुएं। छतों पर जाने से बचें।
  • बाहर जाने से बचें: पेड़ों, बिजली के खंभों या होर्डिंग्स के नीचे खड़े न हों। बिजली गिरने के खतरे के कारण खुले खेतों में काम न करें।
  • किसानों के लिए सलाह: फसलों को नुकसान से बचाने के लिए उन्हें समय से पहले काट लें या सुरक्षित और सूखे स्थानों पर शिफ्ट करें।
  • वाहन चलाते समय: यदि यात्रा जरूरी हो, तो धीमी गति से वाहन चलाएं और हेडलाइट्स का उपयोग करें।

डीएम प्रियंका निरंजन ने स्पष्ट किया है कि प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जनता को लगातार अलर्ट रखें और जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू करें। यदि कहीं पेड़ गिरते हैं या बिजली के तार टूटते हैं, तो तुरंत 1070 या 112 नंबर पर सूचित करें। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

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