गाजियाबाद वोटर रजिस्ट्रेशन ड्राइव: लिस्ट से कटे लाखों नाम, अब सुधार के लिए मची होड़

Shubham Singh18 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
गाजियाबाद वोटर रजिस्ट्रेशन ड्राइव: लिस्ट से कटे लाखों नाम, अब सुधार के लिए मची होड़

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में गाजियाबाद वोटर रजिस्ट्रेशन ड्राइव को लेकर रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को भारी गहमागहमी देखी गई। शहर के विभिन्न हिस्सों में लगाए गए पंजीकरण शिविरों में बड़ी संख्या में लोग अपने नाम वोटर लिस्ट में जुड़वाने पहुंचे। यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब कई मतदाताओं ने पाया कि पिछले चुनावों में वोट डालने के बावजूद उनका नाम चुनावी सूची से गायब है, जिससे लोगों के बीच काफी भ्रम और नाराजगी की स्थिति पैदा हो गई है।

इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए गाजियाबाद के जिला मजिस्ट्रेट रविंद्र कुमार ने खुद अलग-अलग कैंपों का निरीक्षण किया। दरअसल, अप्रैल 2026 में जब अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित हुई, तो चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। गाजियाबाद में करीब 20.24 प्रतिशत नाम हटा दिए गए, जिसका मतलब है कि 5.75 लाख मतदाताओं के नाम लिस्ट से बाहर हो गए। यह केवल गाजियाबाद की कहानी नहीं है, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में 166 दिनों तक चले स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) अभियान के दौरान कुल 2.05 करोड़ नाम हटाए गए हैं। लखनऊ में भी करीब 22.89 प्रतिशत (9.14 लाख) नाम कम हुए हैं।

कैसे जुड़वाएं अपना नाम और क्या है प्रक्रिया?

नाम कटने से परेशान लोगों के लिए प्रशासन ने अब राहत की राह निकाली है। बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) को घर-घर जाकर सत्यापन करने और पोलिंग बूथों का दौरा करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि उन योग्य मतदाताओं की पहचान की जा सके जिनके नाम गलती से हटा दिए गए थे। जिन लोगों का नाम लिस्ट में नहीं है, उन्हें अब दोबारा पंजीकरण के लिए 'फॉर्म 6' भरने की सलाह दी गई है।

उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने इस सुधार प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए 17 अक्टूबर और 24 अक्टूबर 2026 को अतिरिक्त स्पेशल समरी रिविजन (SSR) कैंप लगाने का फैसला किया है। प्रशासन की कोशिश है कि कोई भी पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहे, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में नामों के हटने ने अब कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

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