गाजियाबाद: बिना लाइसेंस चल रहे थे बार, जिला आबकारी अधिकारी समेत 3 सस्पेंड
गाजियाबाद में बिना लाइसेंस बार चलाने और भ्रष्टाचार के आरोप में जिला आबकारी अधिकारी समेत तीन अधिकारी निलंबित। पूरी खबर पढ़ें।
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए गाजियाबाद के जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार सिंह और दो आबकारी निरीक्षकों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई तब हुई जब जांच में सामने आया कि शहर के कई बार और नाइट क्लब बिना किसी वैध लाइसेंस के धड़ल्ले से चल रहे थे और वहां अवैध शराब की बिक्री हो रही थी।
आबकारी और उत्पाद मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल के निर्देश पर यह बड़ा एक्शन लिया गया है। निलंबित अधिकारियों में जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार सिंह के साथ सेक्टर-2 के निरीक्षक अखिलेश सिंह और सेक्टर-5 के निरीक्षक चमन सिंह शामिल हैं। इन अधिकारियों पर आरोप है कि इन्होंने न केवल अपनी ड्यूटी में घोर लापरवाही बरती, बल्कि शराब आउटलेट्स और मॉडल शॉप्स से अवैध वसूली भी की, जिससे राज्य सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हुआ।
छापेमारी में खुला बड़ा खेल
इस पूरे मामले का खुलासा 24 अक्टूबर को हुई एक बड़ी छापेमारी के बाद हुआ। अपर जिला मजिस्ट्रेट (सिटी) के नेतृत्व में एक तीन सदस्यीय टीम बनाई गई थी, जिसमें सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम (सदर) और तहसीलदार (सदर) शामिल थे। इस टीम ने इंदिरापुरम और कौशाम्बी जैसे इलाकों के पांच बार और रेस्टोरेंट में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि कई जगहों पर दूसरे राज्यों के लिए निर्धारित शराब की अवैध बिक्री की जा रही थी और लाइसेंस की शर्तों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही थीं।
प्रारंभिक जांच में जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार सिंह को 'उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1956' के नियमों का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया है। उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी गई है और निलंबन अवधि के दौरान उन्हें प्रयागराज स्थित आबकारी आयुक्त के कार्यालय से संबद्ध किया गया है। अब इस पूरे प्रकरण की विस्तृत विभागीय जांच मेरठ के डिप्टी एक्साइज कमिश्नर को सौंपी गई है, ताकि भ्रष्टाचार की गहराई का पता लगाया जा सके।