गाजियाबाद: दलित छात्र की बेरहमी से पिटाई, सहपाठियों ने बाहरी लोगों के साथ मिलकर बोला हमला

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद दलित छात्र हमला मामले ने एक बार फिर जातिगत भेदभाव और हिंसा की गंभीर तस्वीर पेश की है। एक दलित छात्र को उसके ही स्कूल के कुछ सहपाठियों और बाहर से बुलाए गए कुछ अन्य लोगों ने मिलकर बुरी तरह पीटा। आरोप है कि इस हमले के पीछे केवल आपसी रंजिश नहीं, बल्कि गहरी जातिगत नफरत थी, जिसने एक छात्र के भविष्य और हौसलों को निशाना बनाया।
पीड़ित छात्र के पिता ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि उनके बेटे को सड़क पर लिटाकर बेरहमी से पीटा गया। पिता का दावा है कि राजपूत समुदाय के कुछ छात्रों ने उनके बेटे को पहले भी कई बार धमकी दी थी। विवाद तब और बढ़ गया जब उन छात्रों ने उसकी पढ़ाई और महत्वाकांक्षाओं का मजाक उड़ाते हुए उससे पूछा, "क्या पढ़ाई करके तुम अंबेडकर बनोगे?" यह बात दर्शाती है कि शिक्षा के मंदिर के आसपास भी जातिगत श्रेष्ठता का अहंकार किस कदर हावी है।
सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा, कार्रवाई की मांग
इस घटना की जानकारी जब 19 अक्टूबर 2026 को लोकेश राय नामक सोशल मीडिया यूजर ने साझा की, तो इंटरनेट पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। #Ghaziabad और #DalitRights जैसे हैशटैग के साथ यह मामला तेजी से वायरल हो गया और लोग प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे।
पीड़ित परिवार ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो। हालांकि, इस मामले में अब तक गाजियाबाद पुलिस या प्रशासन की ओर से किसी गिरफ्तारी या आधिकारिक बयान की पुष्टि नहीं हुई है, जिससे पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों में नाराजगी है।