त्योहारी सीजन में Gen Z की पहली पसंद बना वाराणसी, ट्रैवल सर्च में 40% का उछाल

Shubham Singh21 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
त्योहारी सीजन में Gen Z की पहली पसंद बना वाराणसी, ट्रैवल सर्च में 40% का उछाल

इस त्योहारी सीजन में भारतीय युवाओं, खासकर Gen Z के बीच घूमने-फिरने का क्रेज काफी बढ़ गया है। एयरबीएनबी (Airbnb) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, घरेलू यात्राओं के लिए सर्च करने वालों की संख्या में सालाना आधार पर करीब 40 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि युवा पीढ़ी अब केवल पार्टी या बीच तक सीमित नहीं है, बल्कि वे आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों की ओर भी तेजी से आकर्षित हो रहे हैं, जिसमें वाराणसी फेस्टिव ट्रैवल के लिए एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, Gen Z यात्रियों की पसंद में वाराणसी के साथ-साथ नॉर्थ गोवा, साउथ गोवा, कोलकाता और बेंगलुरु जैसे शहर भी टॉप लिस्ट में शामिल हैं। जहाँ वाराणसी अपनी आध्यात्मिक विरासत के लिए जाना जाता है, वहीं कोलकाता अपनी उत्सवधर्मी संस्कृति और गोवा अपने बीच के लिए युवाओं को अपनी ओर खींच रहा है। यह बदलाव दर्शाता है कि आज की युवा पीढ़ी संस्कृति, आध्यात्मिकता और आधुनिक शहरी अनुभवों का एक मिला-जुला अनुभव चाहती है।

पारिवारिक यात्राओं और ग्रामीण पर्यटन में भी भारी बढ़त

सिर्फ युवा ही नहीं, बल्कि परिवारों में भी घूमने का उत्साह बढ़ा है। एयरबीएनबी के डेटा से पता चलता है कि फैमिली ट्रैवल सर्च में भी 40 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। परिवारों के बीच श्रीनगर, कांगड़ा और अमृतसर जैसे शहरों की मांग सबसे ज्यादा रही है। इसके अलावा गुवाहाटी, नासिक और ईस्ट खासी हिल्स जैसे स्थान भी अपनी प्राकृतिक सुंदरता और स्थानीय अनुभवों के कारण चर्चा में हैं।

एक और बड़ा ट्रेंड यह देखा गया है कि लोग अब बड़े शहरों के शोर-शराबे से दूर ग्रामीण और गैर-शहरी इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं। ऐसे ऑफबीट डेस्टिनेशन के लिए सर्च में 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। अरुणाचल प्रदेश के कुरंग कुमे जैसे कम चर्चित इलाकों के साथ-साथ शिमला और मनाली जैसे पारंपरिक हिल स्टेशनों का आकर्षण अब भी बरकरार है।

एयरबीएनबी इंडिया और दक्षिण पूर्व एशिया के कंट्री हेड अमनप्रीत सिंह बजाज ने बताया कि भारतीय यात्री अब अपने ही देश के अनछुए पहलुओं को तलाश रहे हैं। उनके अनुसार, लोग अब ऐसे स्टे (stays) की तलाश कर रहे हैं जहाँ वे स्थानीय समुदायों से जुड़ सकें और अपनी यात्रा को अधिक व्यक्तिगत और यादगार बना सकें।

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