गौतम बुद्ध नगर: DM मेधा रूपम ने धान फसल कटाई का किया औचक निरीक्षण, जांचे प्रोटोकॉल

Shubham Singh15 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
गौतम बुद्ध नगर: DM मेधा रूपम ने धान फसल कटाई का किया औचक निरीक्षण, जांचे प्रोटोकॉल

उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले में कृषि आंकड़ों की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। इसी कड़ी में जिलाधिकारी (DM) मेधा रूपम ने 15 अक्टूबर, 2026 को जिले में धान फसल कटाई निरीक्षण के लिए अचानक खेतों का दौरा किया। डीएम ने खुद मौके पर जाकर फसल कटाई के प्रयोगों (CCEs) की प्रक्रिया का जायजा लिया ताकि यह देखा जा सके कि उपज का आकलन सही तरीके से हो रहा है या नहीं।

दरअसल, फसल कटाई प्रयोग (CCE) एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया है जिसके जरिए फसलों की कुल पैदावार का अनुमान लगाया जाता है। हालांकि, हाल के आंकड़ों ने इस प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2023-24 के दौरान उत्तर प्रदेश में किए गए लगभग 40% प्रयोग अप्रशिक्षित कर्मचारियों द्वारा किए गए थे। वहीं, राष्ट्रीय स्तर पर करीब 28% मामलों में नियमों की अनदेखी या प्रक्रियात्मक खामियां पाई गईं। ऐसे में डीएम मेधा रूपम का यह दौरा यह सुनिश्चित करने के लिए था कि जिले में निर्धारित प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन हो।

डिजिटल सर्वे से आएगी पारदर्शिता

कृषि डेटा को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने के लिए अब तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा 'डिजिटल जनरल क्रॉप एस्टिमेशन सर्वे' (DGCES) को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस पहल के तहत अब कागजी कार्रवाई को खत्म कर रियल-टाइम डेटा कैप्चर, जियो-टैगिंग और टाइम-स्टैम्पिंग जैसी सुविधाओं को जोड़ा गया है, जिससे फसल रिकॉर्ड की सत्यता बनी रहे।

इसके साथ ही, उत्तर प्रदेश सरकार 'ई-पड़ताल' डिजिटल फसल सर्वे को भी आगे बढ़ा रही है। इस डिजिटल सिस्टम का मुख्य उद्देश्य किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और फसल नुकसान की रिपोर्टिंग को सरल व पारदर्शी बनाना है। 2014 बैच की आईएएस अधिकारी डीएम मेधा रूपम ने इस फील्ड असेसमेंट के जरिए स्पष्ट किया कि कृषि आंकड़ों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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