मेरठ: किनौनी शुगर मिल में गैंगस्टर उधम सिंह की एंट्री पर बवाल, जीएम फरार
मेरठ की किनौनी शुगर मिल में गैंगस्टर उधम सिंह के कथित दौरे और जीएम की मिलीभगत की जांच शुरू। जानें क्या है पूरा मामला।
मेरठ के सिवलखस इलाके में स्थित सरकारी किनौनी शुगर मिल इन दिनों एक बड़े विवाद के केंद्र में है। आरोप है कि कुख्यात गैंगस्टर उधम सिंह ने अपने साथियों के साथ मिल का अनधिकृत दौरा किया, जिसने प्रशासनिक हलकों में खलबली मचा दी है। इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए अब मेरठ पुलिस गहन जांच में जुट गई है।
जानकारी के मुताबिक, यह घटना 7 सितंबर की बताई जा रही है। आरोप है कि गैंगस्टर उधम सिंह फर्जी नंबर प्लेट वाली गाड़ियों में सवार होकर मिल पहुंचा था। इतना ही नहीं, अपनी पहचान छिपाने के लिए वह और उसके साथी चेहरे पर मास्क लगाए हुए थे। बताया जा रहा है कि उधम सिंह की मुलाकात मिल के जनरल मैनेजर (जीएम) केपी सिंह से हुई, जिसमें कथित तौर पर मोटे ठेकों और अपने करीबियों को मिल में नौकरी दिलाने पर चर्चा की गई।
जीएम पर गंभीर आरोप, जांच शुरू होते ही हुए लापता
मामला यहीं नहीं रुकता, आरोप यह भी हैं कि जनरल मैनेजर केपी सिंह ने गन्ने की खरीद प्रक्रिया के दौरान स्थानीय किसानों को डराने-धमकाने के लिए उधम सिंह के रसूख और खौफ का इस्तेमाल किया। जैसे ही पुलिस ने इस पूरे प्रकरण की जांच शुरू की, जीएम केपी सिंह छुट्टी की अर्जी देकर अचानक लापता हो गए, जिससे शक और गहरा गया है।
उधम सिंह का आपराधिक इतिहास काफी लंबा रहा है। जुलाई 2026 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस की आपत्तियों के बावजूद उसे जमानत दे दी थी। फिलहाल वह सदर बाजार थाने में दर्ज एक अन्य आपराधिक मामले में भी पुलिस की रडार पर है।
वहीं, एक स्थानीय बिल्डर अंकुर शर्मा ने भी उधम सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बिल्डर का दावा है कि गैंगस्टर ने उनसे 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। अंकुर शर्मा के अनुसार, 1 नवंबर को उनके ऑफिस में एक धमकी भरा पत्र और गोला-बारूद भेजा गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 7 सितंबर को दिल्ली गेट इलाके में उधम सिंह ने उन पर फायरिंग भी करवाई थी। पुलिस अब इन सभी कड़ियों को जोड़कर मामले की तफ्तीश कर रही है।