देवरिया के पूर्व सांसद और रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल प्रकाश मणि त्रिपाठी का निधन, सैन्य और राजनीतिक जगत में शोक
पूर्व सांसद और रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल प्रकाश मणि त्रिपाठी का 92 वर्ष की आयु में निधन। सेना और राजनीति में उनका योगदान अतुलनीय रहा।

भारतीय सेना के पूर्व डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ और देवरिया के पूर्व सांसद प्रकाश मणि त्रिपाठी का रविवार, 8 नवंबर 2026 को दिल्ली में निधन हो गया। 92 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली। वह वर्तमान देवरिया भाजपा सांसद शशांक मणि त्रिपाठी के पिता थे। उनके निधन की खबर से न केवल उनके परिवार, बल्कि सैन्य और राजनीतिक गलियारों में गहरा शोक व्याप्त है।
लेफ्टिनेंट जनरल प्रकाश मणि त्रिपाठी का व्यक्तित्व साहस और सेवा का संगम था। उन्होंने भारतीय सेना में करीब 40 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं। 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के अनुभवी योद्धा रहे त्रिपाठी ने देश की सीमाओं की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी उत्कृष्ट सैन्य सेवाओं के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा पदक (PVSM) और अति विशिष्ट सेवा पदक (AVSM) जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया था।
सेना से संसद तक का शानदार सफर
सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद प्रकाश मणि त्रिपाठी ने राजनीति की राह चुनी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ जुड़कर समाज सेवा का संकल्प लिया। देवरिया क्षेत्र में भाजपा की जड़ें मजबूत करने में उनका अहम योगदान रहा। वह दो बार लोकसभा सदस्य चुने गए—पहली बार 11वीं लोकसभा (1996-1998) और दूसरी बार 13वीं लोकसभा (1999-2004) के दौरान उन्होंने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनके पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव बरपर, देवरिया ले जाया जाएगा, जहां अंतिम संस्कार की रस्में पूरी की जाएंगी। एक अनुशासित सैनिक और जनप्रिय नेता के रूप में उनकी यादें हमेशा उनके समर्थकों और क्षेत्र के लोगों के दिलों में जीवित रहेंगी।