वाराणसी में फिट इंडिया संडेज: मनसुख मांडविया ने साइकिल रैली निकाल युवाओं को दिया 'नशा मुक्त' होने का संदेश

Shubham Singh11 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
वाराणसी में फिट इंडिया संडेज: मनसुख मांडविया ने साइकिल रैली निकाल युवाओं को दिया 'नशा मुक्त' होने का संदेश

धर्म और संस्कृति की नगरी वाराणसी में स्वास्थ्य और अनुशासन का एक अनूठा संगम देखने को मिला। केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने 94वें 'फिट इंडिया संडेज ऑन साइकिल' कार्यक्रम का नेतृत्व किया। इस खास आयोजन का मुख्य उद्देश्य 'विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा' के संदेश को जन-जन तक पहुँचाना था। इस अभियान में 500 से अधिक साइकिल चालकों और 1,000 से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लेकर एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 6 बजे नमो घाट से हुई, जहाँ सबसे पहले मानसिक शांति और स्वास्थ्य के लिए मेडिटेशन (ध्यान) सत्र आयोजित किया गया। हैदराबाद के हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट की निदेशक निवेदिता श्रेयांस ने इस सत्र का नेतृत्व किया, जिसमें शारीरिक फिटनेस के साथ-साथ मानसिक मजबूती के महत्व को समझाया गया। इसके बाद माहौल को और अधिक ऊर्जावान बनाने के लिए कथक नृत्य की प्रस्तुति और ज़ुम्बा सेशन का आयोजन किया गया, जिसने युवाओं में भारी उत्साह भर दिया।

नशा मुक्ति का संकल्प और एथलीटों का सम्मान

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि फिटनेस को केवल एक गतिविधि नहीं, बल्कि अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने नशे के दुष्प्रभावों के प्रति आगाह किया और सभी प्रतिभागियों के साथ मिलकर 'नशा मुक्त भारत' की शपथ ली। शपथ ग्रहण के बाद, मंत्री मांडविया ने नमो घाट से संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय तक एक विशाल साइकिल रैली का नेतृत्व किया, जिससे पूरा शहर स्वास्थ्य और जागरूकता के संदेश से गूंज उठा।

इस कार्यक्रम की एक बड़ी खासियत यह रही कि इसमें 2026 ऐची-नागोया एशियाई खेलों के पदक विजेताओं ने भी शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान इन दिग्गज खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया, जिनमें शामिल थे:

  • प्राची चौधरी: महिलाओं की 400 मीटर दौड़ में कांस्य पदक विजेता।
  • पारुल चौधरी: 3000 मीटर स्टीपलचेज और 5000 मीटर में दो कांस्य पदक विजेता।
  • जय कुमार: मिश्रित 4x400 मीटर रिले में रजत और पुरुषों की 4x400 मीटर रिले में कांस्य पदक विजेता।
  • राज कुमार पाल: भारतीय पुरुष हॉकी टीम के स्वर्ण पदक विजेता।

इन चैंपियन खिलाड़ियों की मौजूदगी ने वहां मौजूद युवाओं को प्रेरित किया कि कैसे अनुशासन और कड़ी मेहनत से सफलता हासिल की जा सकती है। इस आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि फिटनेस केवल व्यायाम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक जिम्मेदार जीवन जीने का तरीका है, जो युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से दूर रखकर देश के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करता है।

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