फिरोजाबाद: नर्सिंग छात्रा की मौत पर बवाल, परिजनों ने शव के साथ किया प्रदर्शन
फिरोजाबाद में नर्सिंग छात्रा प्रीति की संदिग्ध मौत के बाद परिजनों ने शव के साथ प्रदर्शन किया। आरोपियों की गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग जारी।

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में एक नर्सिंग छात्रा की संदिग्ध मौत ने अब तूल पकड़ लिया है। न्याय की गुहार लगाते हुए छात्रा प्रीति के परिजनों ने वह कदम उठाया जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया। परिजनों ने मैनपुरी में दफन की गई छात्रा के शव को दोबारा निकलवाया और उसे सीधे फिरोजाबाद जिला मुख्यालय ले आए। वहां शव को मुख्य गेट पर रखकर परिजनों ने रातभर जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब नर्सिंग छात्रा प्रीति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि मत्सेना थाना क्षेत्र के एक नर्सिंग कॉलेज में पढ़ने वाली प्रीति को कॉलेज डायरेक्टर सुरेश दक्ष का बेटा यश दक्ष गलत संबंधों के लिए मजबूर कर रहा था। परिजनों का दावा है कि जब प्रीति ने इन मांगों को मानने से इनकार कर दिया, तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई।
हत्या का आरोप और परिजनों की मांगें
परिजनों ने सीधा आरोप लगाया है कि सुरेश दक्ष और उनके बेटे यश दक्ष ने मिलकर प्रीति की हत्या की और सबूत मिटाने के लिए उसके शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। इस मामले में पुलिस ने सुरेश और यश दक्ष के खिलाफ हत्या समेत अन्य गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। प्रदर्शन के दौरान परिजनों ने चार मुख्य मांगें रखीं:
- मामले के मुख्य आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी हो।
- मेडिकल पैनल के जरिए शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराया जाए।
- लापरवाही बरतने वाले स्थानीय थाना प्रभारी (SHO) पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई हो।
- पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए।
हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद शव को अपने कब्जे में लिया। इसके बाद पुलिस शव को वापस मैनपुरी ले गई, जहां प्रशासन की निगरानी में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है। सबूत जुटाने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और कॉल डिटेल्स का विश्लेषण किया जा रहा है। हालांकि, परिवार का कहना है कि जब तक आरोपी सलाखों के पीछे नहीं होंगे, उनका संघर्ष जारी रहेगा।