फतेहपुर: शादी का झांसा देकर दुष्कर्म और धोखा, पीड़िता ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
फतेहपुर में एक महिला ने पड़ोसी पर दुष्कर्म और धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पीड़िता ने एसपी से गुहार लगाई है।

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवती ने अपने ही पड़ोसी पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने और गर्भवती होने के बाद उसे बीच रास्ते में छोड़ने का आरोप लगाया है। इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब पीड़िता ने स्थानीय पुलिस पर आरोपी के साथ मिलीभगत करने और उसकी मदद करने का दावा किया। न्याय न मिलने पर अब पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक (SP) का दरवाजा खटखटाया है।
पीड़िता, जो गंभरी गांव की रहने वाली है, के अनुसार उसके पड़ोस में रहने वाले प्रहलाद तिवारी ने उससे संपर्क साधा और शादी का वादा किया। आरोप है कि प्रहलाद ने युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाए और बाद में उसे शादी का लालच देकर 13 जुलाई को सूरत ले गया। पीड़िता का कहना है कि सूरत में करीब तीन महीने तक उसे पत्नी की तरह रखा गया, लेकिन जब उसने शादी के लिए दबाव बनाया, तो आरोपी ने उसके साथ मारपीट की और उसे जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उसे वापस गजिपुर लाया गया और लावारिस छोड़ दिया गया।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
पीड़िता का आरोप है कि जब वह मदद के लिए गजिपुर पुलिस स्टेशन पहुंची, तो पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय उसके साथ दुर्व्यवहार किया। महिला का दावा है कि पुलिस ने आरोपी को थाने बुलाकर इस शर्त पर छोड़ दिया कि वह युवती से शादी कर लेगा, लेकिन आरोपी ने बाद में अपना वादा तोड़ दिया। जब वह दोबारा शिकायत लेकर पहुंची, तो पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर उसका मजाक उड़ाते हुए कहा, "अगर वह शादी नहीं करता तो हम क्या कर सकते हैं? क्या तुम जाने से पहले हमें बताकर गई थीं?"
इसी पुलिस स्टेशन के कार्यक्षेत्र में एक और मामला सामने आया है, जहां तकरार गांव के जानकीप्रसाद ने आरोप लगाया है कि उनकी पत्नी और बेटी नकदी व जेवरों के साथ किसी अन्य व्यक्ति के साथ चली गई हैं। जानकीप्रसाद का कहना है कि कई बार चक्कर काटने के बाद भी पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया और केवल गुमशुदगी की रिपोर्ट लिख दी। अब इन दोनों ही मामलों के पीड़ितों ने एसपी से निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है।