इटावा: ओपीएस आंदोलन वापस लेने पर भड़के शिक्षक, चुनाव में वोट से जताएंगे नाराजगी

उत्तर प्रदेश के इटावा में पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर शिक्षकों के बीच गहरा असंतोष देखा जा रहा है। ओपीएस के समर्थन में चल रहे आंदोलन को वापस लिए जाने के फैसले ने शिक्षकों को नाराज कर दिया है। इस नाराजगी का असर अब आगामी 23 अक्टूबर को होने वाले चुनावों में दिखने की संभावना है, जहां कई शिक्षकों ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वे अपने मताधिकार के जरिए इस फैसले का विरोध दर्ज कराएंगे।
चुनावी माहौल में ओपीएस बना मुख्य मुद्दा
हाल ही में महेवा विकास खंड के विभिन्न कॉलेजों और बकेवर नगर पंचायत क्षेत्र में एक व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आगरा मंडल शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के उम्मीदवारों के लिए समर्थन जुटाना था। इस दौरान इटावा के सांसद, स्थानीय पार्टी संगठन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शिक्षकों और मतदाताओं से मुलाकात की।
अभियान के दौरान आगरा मंडल शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से आकाश अग्रवाल और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से शशांक यादव 'सीतू' के पक्ष में वोट देने की अपील की गई। हालांकि, इन मुलाकातों के दौरान चर्चा का केंद्र केवल उम्मीदवार नहीं, बल्कि पुरानी पेंशन योजना की बहाली रही। शिक्षकों के लिए ओपीएस की वापसी एक प्राथमिक मांग है, और आंदोलन के अचानक रुकने से उनके बीच काफी मायूसी है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि शिक्षकों का यह गुस्सा मतदान के दिन चुनावी नतीजों को किस तरह प्रभावित करता है।