इटावा: जसवंतनगर के प्राइमरी स्कूल में फर्नीचर का अभाव, फर्श पर बैठकर पढ़ने को मजबूर बच्चे

उत्तर प्रदेश के इटावा जिले से शिक्षा व्यवस्था की बदहाली की एक हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है। जसवंतनगर स्थित प्राथमिक विद्यालय-III में पढ़ने वाले मासूम बच्चे बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। स्कूल में बेंच और डेस्क जैसी मूलभूत सुविधाओं का पूरी तरह अभाव है, जिसके कारण यहां नामांकित 79 छात्र-छात्राओं को फर्श पर चटाई बिछाकर बैठना पड़ रहा है।
हैरानी की बात यह है कि एक तरफ सरकारी दावों में काउंसिल स्कूलों में बुनियादी ढांचे और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की बात कही जाती है, वहीं दूसरी ओर इस स्कूल की जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। जैसे-जैसे सर्दियों का मौसम करीब आ रहा है, बच्चों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। ठंडी जमीन पर बैठकर पढ़ाई करना न केवल उनके लिए कष्टदायक है, बल्कि इससे उनके स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ने का खतरा है।
प्रशासनिक अनदेखी और प्रिंसिपल की गुहार
स्कूल की प्रधानाध्यापिका रिज़वाना परवीन का कहना है कि उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को औपचारिक पत्र लिखकर फर्नीचर उपलब्ध कराने की मांग की थी। लेकिन तमाम कोशिशों और पत्राचार के बावजूद, अब तक स्कूल को एक भी डेस्क या बेंच मुहैया नहीं कराई गई है।
79 बच्चों के लिए बैठने की जगह न होना शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब देखना यह होगा कि क्या विभाग समय रहते जागता है और कड़ाके की ठंड शुरू होने से पहले इन मासूमों को जमीन से उठाकर बेंच पर बिठा पाता है या फिर सरकारी दावे केवल कागजों तक ही सीमित रहेंगे।