इटावा में ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग गैंग का पर्दाफाश, 500 से ज्यादा लोग हुए ठगी का शिकार

Shubham Singh15 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
इटावा में ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग गैंग का पर्दाफाश, 500 से ज्यादा लोग हुए ठगी का शिकार

उत्तर प्रदेश के इटावा में पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसने ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के नाम पर 500 से अधिक लोगों के साथ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो बड़ी चतुराई से लोगों को अपने जाल में फंसाकर पैसे ऐंठ रहे थे।

एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अंशुल (उर्फ हंसु तिवारी), राखी रानावत, अंकित मिश्रा और मोहित के रूप में हुई है। इनमें से दो आरोपी इटावा, एक मैनपुरी और एक औरैया का निवासी है। इस पूरे ऑपरेशन को सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन ने स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) और सर्विलांस टीम के साथ मिलकर अंजाम दिया।

गांव वालों को कमीशन का लालच देकर बनाया शिकार

पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि यह गैंग गांव के भोले-भाले लोगों को कमीशन का लालच देता था। आरोपी उनके पहचान पत्र और दस्तावेज हासिल कर लेते थे, जिसका इस्तेमाल वे सिम कार्ड खरीदने और उनके नाम पर बैंक खाते खोलने के लिए करते थे। इन खातों और सिम कार्ड्स का उपयोग ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग गतिविधियों के लिए किया जाता था। ठगी की रकम को इन्हीं खातों में मंगवाकर एटीएम के जरिए निकाला जाता था और फिर आपस में बांट लिया जाता था।

एसएसपी के मुताबिक, यह गिरोह पिछले 8 से 10 महीनों से सक्रिय था। जब भी इन्हें पुलिस की कार्रवाई या किसी शिकायत का डर होता था, तो ये कुछ समय के लिए अपना काम बंद कर देते थे और खतरा टलते ही फिर से शुरू हो जाते थे।

पुलिस ने इस छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में सामान बरामद किया है, जिसमें शामिल हैं:

  • 16 मोबाइल फोन और एक लैपटॉप
  • 42 एटीएम और डेबिट कार्ड
  • 6 फर्जी सिम कार्ड
  • बैंक पासबुक, चेक बुक और पहचान पत्र
  • लेनदेन का पूरा विवरण रखने वाला एक रजिस्टर
  • धोखाधड़ी की कमाई से खरीदी गई दो गाड़ियां

पुलिस का मानना है कि इस घोटाले में और भी लोग शामिल हो सकते हैं, जिनकी पहचान जांच के बाद की जाएगी। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट लगाया जाएगा और अपराध की कमाई से बनाई गई उनकी संपत्तियों को कुर्क करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। इस सफल ऑपरेशन के लिए शामिल पुलिसकर्मियों को 20,000 रुपये के इनाम की घोषणा भी की गई है।

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