एटा: कलेक्ट्रेट में बुलडोजर देख भड़के वकील, जोरदार विरोध के बाद टीम को पीछे हटना पड़ा
एटा में नगर पालिका की बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ वकीलों ने कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया, जिसके बाद टीम को पीछे हटना पड़ा।

उत्तर प्रदेश के एटा में उस वक्त भारी तनाव फैल गया जब नगर पालिका की टीम पुलिस बल और जेसीबी बुलडोजर के साथ कलेक्ट्रेट परिसर पहुंची। नगर पालिका की यह टीम वकीलों के चैंबरों को ध्वस्त करने आई थी, लेकिन जैसे ही मशीनें उनके कार्यस्थल की ओर बढ़ीं, वहां मौजूद अधिवक्ताओं ने इसका कड़ा विरोध शुरू कर दिया। वकीलों के आक्रोश और मौके पर हुए जोरदार प्रदर्शन के कारण प्रशासन को अपनी कार्रवाई रोकनी पड़ी और बुलडोजर को वापस ले जाना पड़ा।
बिना नोटिस कार्रवाई पर उठे सवाल
विरोध प्रदर्शन कर रहे वकीलों का स्पष्ट कहना है कि ये चैंबर कई वर्षों से यहां बने हुए हैं और इन्हें अचानक गिराने की कोशिश की गई। अधिवक्ताओं ने कानूनी सवाल उठाते हुए कहा कि नगर पालिका ने इस कार्रवाई से पहले कोई पूर्व नोटिस जारी नहीं किया, जो कि नियमों का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने उत्तर प्रदेश नगर नियोजन और विकास अधिनियम, 1973 का हवाला देते हुए कहा कि बिना उचित प्रक्रिया और सूचना के ऐसी कार्रवाई गैरकानूनी है।
इस घटना के बाद वकीलों ने स्थानीय प्रशासन को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कर लिया है कि यदि बिना किसी आपसी संवाद या परामर्श के दोबारा ऐसी कोशिश की गई, तो वे एक बड़े आंदोलन के जरिए इसका जवाब देंगे।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के कई शहरों जैसे लखनऊ और बरेली में भी अतिक्रमण विरोधी अभियानों के दौरान कानूनी पेशेवरों और नगर निकायों के बीच इसी तरह के टकराव देखे गए हैं। जहां प्रशासन इसे अवैध कब्जे को हटाने की मुहिम बताता है, वहीं वकील इस बात पर जोर देते हैं कि उनकी आजीविका से जुड़े स्थानों को हटाने से पहले उचित सूचना और वैकल्पिक व्यवस्था होनी चाहिए।