एटा: विधायक के आश्वासन के बाद आशा कार्यकर्ताओं का 21 दिनों का धरना खत्म
एटा में आशा कार्यकर्ताओं ने विधायक वीरेंद्र सिंह लोधी के आश्वासन के बाद अपना 21 दिनों का प्रदर्शन खत्म किया। जानें क्या रही उनकी मांगें।

उत्तर प्रदेश के एटा में पिछले तीन हफ्तों से जारी आशा कार्यकर्ताओं का आंदोलन आखिरकार समाप्त हो गया है। एटा कलेक्ट्रेट पर करीब 21 दिनों से डटी महिला कार्यकर्ताओं ने विधायक वीरेंद्र सिंह लोधी के भरोसे के बाद अपना प्रदर्शन वापस ले लिया है। यह विरोध प्रदर्शन अपनी लंबित मांगों को लेकर किया जा रहा था, जिसने स्थानीय प्रशासन का ध्यान अपनी ओर खींचा था।
राज्य अध्यक्ष पुष्पा देवी के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रही इन कार्यकर्ताओं की मुख्य मांग उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा देना और मासिक मानदेय को बढ़ाकर 18,000 रुपये करना था। आंदोलन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अपनी बदहाली और काम के दबाव को लेकर आवाज उठाई थी।
विधायक ने दिया सरकार तक बात पहुंचाने का भरोसा
इस गतिरोध को खत्म करने के लिए मरहरा विधायक वीरेंद्र सिंह लोधी खुद प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ विस्तार से चर्चा की और उनकी समस्याओं को सुना। विधायक लोधी ने आश्वासन दिया कि वह इन सभी मांगों और शिकायतों को औपचारिक रूप से राज्य सरकार के समक्ष रखेंगे और उनके समाधान के लिए प्रयास करेंगे।
विधायक के इस ठोस आश्वासन से संतुष्ट होकर आशा कार्यकर्ताओं ने अपना आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया। इस मौके पर विधायक ने कार्यकर्ताओं को मिठाई खिलाकर उनका उत्साह बढ़ाया। कार्यकर्ताओं ने विधायक को एक ज्ञापन सौंपा और उनसे अनुरोध किया कि वे विधानसभा में उनकी आवाज बुलंद करें।
गौरतलब है कि आशा कार्यकर्ताओं में अपनी मांगों को लेकर काफी समय से आक्रोश है। हाल ही में 23 अक्टूबर को लखनऊ में भी इसी तरह के प्रदर्शन देखे गए थे, जहां मानदेय में वृद्धि को लेकर चर्चाएं हुई थीं। एटा की कार्यकर्ताओं को अब उम्मीद है कि सरकार उनकी मांगों पर जल्द ही सकारात्मक फैसला लेगी।